शामली, जेएनएन। मुंडेंट गांव के निकट पूर्वी यमुना नहर किनारे बन रहे संयुक्त जिला अस्पताल का काम पूर्ण करने को दस करोड़ रुपये की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शासन को शेष 10 करोड़ रुपये की अंतिम किश्त जारी करने के लिए पत्र भेजा गया है। मार्च 2020 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है और ओपीडी अगले महीने से ही शुरू करने की बात कही जा रही है। दस करोड़ रुपये के लिए राज्यमंत्री सुरेश राणा और जिलाधिकारी के माध्यम से भी पत्र भेजा गया है।

शामली के जिला बनने के बाद शासन ने सौ बेड का संयुक्त जिला अस्पताल स्वीकृत किया था, तब इसकी लागत 34 करोड़ 32 लाख रुपये थी। पहली किश्त के रूप में चार करोड़ 27 लाख रुपये जारी हुए थे और अक्टूबर 2015 में काम शुरू हो गया था। तब निर्माण कार्य पूरा करने की डेडलाइन अक्टूबर 2017 थी, लेकिन दूसरी किश्त नहीं मिली और काम अधर में लटक गया था। मार्च 2018 में 15 करोड़ 93 लाख रुपये की धनराशि आने के बाद काम शुरू तो हुआ, लेकिन लागत बढ़ गई। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद ने 39 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया और शासन ने इसे स्वीकृत कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि मैटेरियल के दाम बढ़ने से लागत बढ़ जाती है। दस करोड़ रुपये मिलना शेष हैं। राज्यमंत्री सुरेश राणा भी जल्द पैसा जारी कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होगा। भवन करीब-करीब बन चुका है और अगस्त तक नीचे का भवन हैंडओवर करने की संभावना है। अगले माह ओपीडी शुरू करने की योजना

सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि अगस्त में ओपीडी शुरू करने की योजना है। संयुक्त जिला अस्पताल के लिए लखनऊ इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईपीएचएस) के मानक के अनुसार स्टाफ के लिए प्रस्ताव भेजा है। मानक के अनुसार चार एमबीबीएस डाक्टर, दो फिजिशियन, दो सर्जन, दो ऑर्थोपैडिक सर्जन, एक ईएनटी सर्जन, एक दंत चिकित्सक, दो महिला चिकित्सक, दो बाल रोग विशेषज्ञ, दो रेडियोलॉजिस्ट, एक पैथोलॉजिस्ट, 20 स्टाफ नर्स, 12 वार्ड ब्वाय, छह स्वीपर आदि की नियुक्ति होनी है। स्टाफ की शीघ्र नियुक्ति के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran