शामली: जनपद नशीली दवा व इंजेक्शन का बड़ा हब बन गया है। कहने के लिए तो हरियाणा से शामली में ऐसी दवा व शराब की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है लेकिन यह भी कड़वी सच्चाइ कि शामली से नशीली दवा का कारोबार पंजाब तक चलाया जा रहा है। कई बार पंजाब पुलिस ने शामली व अन्य कस्बों में इस अवैध कारोबार से जुड़े माफियाओं की धरपकड़ के लिए दबिश दी।

शामली जनपद हरियाणा प्रदेश की सीमा से सटा जनपद है। शामली की जमीन का बड़ा हिस्सा हरियाणा की सीमा से इस कदर सटा है कि जल्दी से यह तय कर पाना मुश्किल होता है कि यह क्षेत्र कहां का है। यहीं कारण है कि हरियाणा प्रदेश से पेट्रोल-डीजल से लेकर काफी रोजमर्रा का सामान टेक्स चोरी कर लाया जाता है तो शराब की तो बड़े स्तर पर तस्करी की जाती हैं। आरोप है कि कुछ ड्रग्स माफियाओं ने शामली जनपद के माफियाओं से मिलीभगत की है और यह दोनों सिडीकेट हरियाणा, शामली के साथ अन्य जनपदों में बड़े पैमाने पर नशीली दवा-इंजेक्शन का कारोबार चला रहे है। शामली से चलाए जा रहे इस अवैध धंधे का उस समय राजफाश हुआ जब पंजाब पुलिस ने नगर शामली निवासी एक युवक को लाखों रुपये की नशीली गोलियों के साथ दबोचा और उसने बताया कि वह इन गोलियों को शामली के एक दवा व्यापारी से लेकर पंजाब में सप्लाई के लिए लेकर आया था। पंजाब पुलिस ने कई बार नगर में दबिश दी। मगर इस धंधे से जुड़ा माफिया पकड़ा नही जा सका। अब झिझाना में तीन युवकों के शव व उनके पास से नशीले इंजेक्शन का मिलना शामली के नशीली दवा-इंजेक्शन बिक्री का हब होने की इशारा कर रहा है। बता दे कि झिझाना क्षेत्र भी डोडा आदि नशीला पदार्थ बिक्री के लिए बदनाम है। चर्चा तो ऐसी है कि हो न हो, मृतक युवकों ने झिझाना क्षेत्र से ही इंजेक्शन खरीदें और बाद में उनका प्रयोग किया, बाद में उनकीमौत हो गई।

कोई नही जानता, यहां कैसे पहुंचे तीनों युवक

झिझाना में जो तीन युवक मृत हालत में पड़े मिले। उनके परिजन व अन्य कोई भी यह नही जानता कि आखिरकार यह युवक यहां पर कैसे पहुंचे। पुलिस व परिजन इस बारे में खोजबीन में लगे है। वैसे क्षेत्र में दबी जुबां में लोग बात कर रहे है कि तीनों युवकों की हत्या भी हो सकती है।

छह माह पहले नशा मुक्ति केन्द्र में भर्ती रहा था सुनील

गांव काला माजरा में गन्ने के खेत में मृत मिला सुनील लंबे समय से नशा कर रहा था। इंजेक्शन से नशा करने की आदत के कारण सुनील को परिजनों ने हरियाणा के एक नशा मुक्ति केन्द्र में भर्ती कराया था। सुनील रोड खेती करता है और उसके एक चार साल की बेटी भी है। परिजनों के अनुसार, पहाड़ी भी सुनील के साथ ही रहता था। तीसरा युवक कौन है, उसकी सुनील के पिता बलसिंह ने जानकारी से इंकार किया। शामली में मोर्चरी पर आए सुनील के परिजन चर्चा करते देखे गए कि वह कैथल से शामली कैसे आ गया। माना जा रहा है कि सुनील शामली से ही नशे के इंजेक्शन व अन्य नशीला पदार्थ लेकर जाता था। संभवत मंगलवार को वह इंजेक्शन लेने आया और ओवरडोज लेने के कारण सुधबुध खो बैठा। पूरी रात ठंड में बेहोशी में पड़ा रहने से उसकी मौत हो गयी। पुलिस फिलहाल यह पता कर रही है कि सुनील कैथल से शामली कैसे आया और उसका तीसरा साथी कौन है।

इन्होंने कहा.

पूर्व समय में नशीले पदार्थो की बरामदगी व इस धंधे से जुड़े माफियाओं की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया था। पुलिस ने काफी लोगों को गिरफ्तार भी किया था। झिझाना में तीन युवकों की मौत के मामले में जांच की जा रही है-राजेश श्रीवास्तव, एएसपी शामली।

Posted By: Jagran

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