शामली, आकाश शर्मा। गुंडागर्दी, पलायन, नशा और हथियार तस्करी के साथ पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहने वाला कैराना एक बार फिर सुर्खियों में है। चुनावी गर्माहट के बीच सबकी नजर कैराना पर जा टिकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत तमाम नेता अपने भाषण में कैराना पलायन, पलायन करने वालों की घर वापसी और पूर्व में कैराना के गुंडाराज का जिक्र कर रहे हैं। हाल में सपा विधायक नाहिद हसन की गिरफ्तारी को लेकर भी कैराना पर चर्चा का सिलसिला जारी है।

कैराना के पूर्व सांसद और भाजपा नेता बाबू हुकुम सिंह ने कैराना पलायन का मुद्दा जोरशोर से उठाया था। भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया। पलायन करने वालों की घर वापसी हुई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैराना पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इसके बाद कई चुनावी भाषण में मुख्यमंत्री ने कैराना पलायन का जिक्र किया।

दस फरवरी को उत्तर प्रदेश में प्रथम चरण में चुनाव होने हैं। सभी राजनैतिक दल चुनाव मैदान में पूरा दम लगा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल में मेरठ की रैली में कैराना पलायन का जिक्र अपने भाषण में किया था। सपा-रालोद गठबंधन ने नाहिद हसन को कैराना से उम्मीदवार घोषित किया है। नामाकंन के लिए कलक्ट्रेट जाते समय कैराना पुलिस ने नाहिद को गैंगस्टर मामले में गिरफ्तार किया था। गाजियाबाद में कोविड अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता के दौरान सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि गठबंधन की ओर से कैराना में हिदू व्यापारियों के पलायन के जिम्मेदार को टिकट दिया गया है। नाहिद का बचाव करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि नाहिद हसन पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। भाजपा नेता अश्वनी उपाध्याय ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कैराना से नाहिद हसन के टिकट पर आपत्ति जताई है।

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