शामली, जागरण टीम। जिले में डेंगू का प्रकोप कम हुआ, लेकिन खत्म नहीं। तीन नए मरीज मिले हैं और ऐसे में कुल मरीजों की संख्या 295 हो गई है। अभी छह सैंपल की एलाइजा जांच रिपोर्ट लंबित है।

कोरोना के प्रकोप से कुछ राहत मिली थी तो सितंबर में डेंगू ने पांव पसारने शुरू कर दिए थे। लगातार प्रकोप बढ़ता गया। हरियाणा, दिल्ली, मेरठ आदि के अस्पतालों में कई लोगों की मौत भी हुई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की। हालांकि डेंगू के मरीजों का रिकार्ड सरकारी रिपोर्ट में भी बना है। वर्ष 2018 में सर्वाधिक 14 मरीज मिले थे, लेकिन इस बार तो बहुत अधिक सितम रहा। जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि अब केस कम ही आ रहे हैं, लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है। गांवों में लगातार एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है और स्वास्थ्य शिक्षा भी दी जा रही है। इस बार निजी अस्पतालों-नर्सिग होम में भर्ती जो मरीज रैपिड जांच में पाजिटिव आए, उनका सैंपल एलाइजा जांच को भेजा गया।

वहीं, निजी अस्पतालों-नर्सिग होम में भी अब बुखार के मरीज बहुत कम आ रहे हैं। चिकित्सक डा. पंकज गर्ग ने बताया कि सात से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान कुछ दिन बना रहे तो डेंगू का मच्छर मर जाता है। अब तापमान काफी नीचे आ गया है। डेंगू का प्रकोप तो अब खत्म ही हो जाएगा। हालांकि लापरवाही न करें और मच्छर हैं तो उनसे बचाव करें। सर्दी के मौसम को वैसे तो हेल्दी सीजन कहते हैं, लेकिन बुजुर्ग, बच्चों और बीमार को सावधानी बरतनी चाहिए।

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वर्ष, डेंगू के मरीज

2016, 10

2017, 05

2018, 14

2019, 08

2020, 08

2021, 295

(वर्ष 2012 से 2015 तक डेंगू के मरीजों की संख्या शून्य रही)

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Edited By: Jagran