हिंदू धर्म में वापसी करने वाले आयुष मलिक का फोन बंद, पिता से भी संपर्क नहीं, भ्रामक पोस्ट पर FIR
इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेशी के बाद आयुष मलिक और उनके पिता से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि ...और पढ़ें

HighLights
इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेशी के बाद पिता-पुत्र से संपर्क नहीं।
पिता का फोन चालू, पर किसी से बात नहीं कर रहे।
भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट करने पर छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज।
जागरण संवाददाता, शामली। आयुष मलिक मतांतरण प्रकरण में बुधवार को हाई कोर्ट में पेश होने के बाद पिता-पुत्र से किसी का संपर्क नहीं हो पा रहा है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने दोनों को पेश कर दिया था।
हालांकि पिता का फोन चालू है, लेकिन वह किसी से बात नहीं कर रहे हैं, जबकि आयुष का फोन बंद आ रहा है। उधर, हाई कोर्ट के आदेश के बाद इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने के मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
दोस्त ने दाखिल की थी याचिका
आयुष के दोस्त मोहम्मद सुल्तान ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका हाई कोर्ट में दाखिल की थी। आरोप लगाया था कि आयुष को उसके पिता देवराज मलिक ने अवैध रूप से घर में रोक रख है। नौ सितंबर को कोर्ट ने आदेश दिया था कि आयुष को 16 सितंबर को पेश किया जाए। बुधवार को शामली कोतवाली के दारोगा रविदत्त ने दोनों को पेश किया था।
मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने आयुष को अपनी इच्छा से रहने, अपने पसंद के धर्म का पालन करने और कानून के मुताबिक वैवाहिक संबंध स्थापित करने के लिए स्वतंत्र कर दिया था। हाई कोर्ट में पेश होने के बाद से पिता-पुत्र का किसी से संपर्क नहीं है।
हालांकि पिता का फोन चालू है, लेकिन वह किसी से बात नहीं कर रहे हैं, जबकि आयुष का फोन बंद आ रहा है। उनके साथ गए दारोगा रविदत्त कोतवाली में लौट आए हैं। एसपी एनपी सिंह ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के तहत पिता-पुत्र को पेश कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस शामली लौट आई थी।
वहीं, चर्चा है कि करीब दो माह से आयुष मलिक फिर से कुछ वाट्सएप ग्रुपों से जुड़ा हुआ था। वहां पर लोगों ने फिर से उसका माइंडवाश कर दिया था। इसके बाद ही कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
आसपास के लोग भी बोलने से बचे
आयुष मलिक मतांतरण प्रकरण देशभर में सुर्खियों में रहा था। हाई कोर्ट में पिता-पुत्र के पेश होने के मामले ने फिर से इस मामले को लोगों की जुबान पर ला दिया है। बुधवार को कोर्ट में पिता-पुत्र पेश हुए थे।
गुरुवार को आसपास के लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि बुधवार और गुरुवार को भी दोनों को नहीं देखा है। इसके अलावा स्वजन ने भी कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
आयुष ने हिंदू धर्म में की थी वापसी
आयुष मलिक के मतांतरण के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया था। उसके पिता दवा व्यापारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया था कि उनके पुत्र को शहर निवासी जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल में फंसाकर मतांतरण कराया है।
रिपोर्ट में चांदी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवी समेत आठ लोगों को आरोपित बनाया गया था। पुलिस ने सात जून को चांदी कुरैशी और उसके पिता समेत तीन आरोपितों को जेल भेज दिया था।
24 जून को जिला एवं सत्र न्यायाधीश शामली ने जमानत दे दी थी। इसके बाद आयुष मलिक ने भी एक वीडियो प्रसारित किया था, जिसमें वह घर में पूजा कर रहा था, और धर्म वापसी की बात कर रहा था।
