शाहजहांपुर : हूरजहां, जिसकी शादी हुए अभी मात्र दो दिन ही हुए थे। उसने फरमान के साथ जिंदगी बिताने के सपने संजों रखे थे। हाथों की मेहदी भी नहीं सूखी थी, लेकिन कुदरत ने एक झटके में उसके सपनों को बिखेर दिया। हादसे में उसके पति फुरकान की मौत हो गई, जबकि सास और ससुर गंभीर रुप से घायल हो गए। गम के आंसूओं का सैलाब ऐसा आया कि उसकी खुशियों को बहा ले गया। कभी वह परिवार में मौजूद लोगों को निहारती तो कभी महिलाओं से पूछती कि उसका फुरकान कहां, लेकिन हर सवाल का जबाव परिवार की महिलाओं की सिसकी से मिलता। हूरजहां का विलाप सुनकर पत्थर दिल इंसान की भी आंखे आसूओं से सराबोर हो रही थीं।

सात भाइयों व दो बहनों में पांचवें नंबर के फरमान का दो दिन पहले ही दस सितंबर को हुल्लापुर निवासी बलदार की बेटी हूरजहां से निकाह हुआ था। मंगलवार को वलीमा के बाद चौथी की रस्म के तहत हूरजहां मायके चली गई थी। सुबह जैसे ही हादसे की सूचना मिली फरमान के घर व ससुराल में भी कोहराम मच गया। परिजनों के साथ हूरजहां रोती बिलखती रौलीबौरी आयी। वहां उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। वह बार-बार पति का चेहरा दिखाने की जिद कर रही थी। कई बार गश खाकर बेहोश भी हुई। उसको संभालना मुश्किल हो रहा था। देर शाम जब फरमान का शव घर पहुंचा तो वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया। मेंहदी लगे हाथों से हूरजहां कभी फरमान के शव को झकझोरती तो कभी पिता से उसे उठाने को कहती। उसकी हालत देख वहां मौजूद लोग की आंखे भी नम हो गईं। भाई व बहन बिलख रहे थे। नाते रिश्तेदार भी बेहाल थे। हूरजहां ही नहीं वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। यकीन करना मुश्किल था कि फरमान नहीं रहा। अभी तो निकाह की आपाधापी में दोनों के बीच सही से समझ भी नहीं हो पाये थे। फरमान ने कहा था कि चौथी के बाद जब वह वापस आएगी तो दोनों बात करेंगे। एक-दूसरे के साथ समय बिताएंगे, लेकिन उससे पहले यह हादसा हो गया।

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