जेएनएन, शाहजहांपुर : अस्पताल जा रही गर्भवती महिला ने जर्जर सड़क पर एंबुलेंस के अंदर ही बच्चे को जन्म दे दिया। स्वास्थ्यकर्मियों ने सुरक्षित प्रसव कराने के बाद महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया।

निगोही से कुकहा गांव की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। जगह-जगह गड्ढे होने की वजह से लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो रहा हैं। इस मार्ग पर गुरुवार को गर्भवती महिला की भी जान खतरे में पड़ गई। क्षेत्र के विक्रमपुर गांव निवासी रामगोपाल की पत्नी रेखा देवी को सुबह करीब सात बजे प्रसव पीड़ा होने लगी। उन्होंने 102 एंबुलेंस को बुलाया। सड़क जर्जर होने की वजह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से विक्रमपुर गांव तक पहुंचने में एंबुलेंस करीब 20 मिनट ले गए। रामगोपाल ने बताया कि जब रेखा को लेकर अस्पताल जा रहे थे तो जर्जर सड़क पर झटके लगने की वजह से क्षेत्र के चकौरा गांव के पास ही रेखा ने एंबुलेंस रुकवा ली। परिस्थितियां देखते हुए ईएमटी अश्वनी कुमार ने आनन फानन में व्यवस्था की, जिसके बाद महिला ने एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। महिला की तबीयत बिगड़ने पर स्वास्थ्यकर्मियों के भी हाथ पैर फूल गए। हालांकि कुछ देर बाद जब महिला सामान्य स्थिति में आने पर स्वजन व स्वास्थ्यकर्मियों ने राहत की सांस ली।

सुरक्षित प्रसव के लिए समय रहते महिलाओं को अस्पताल लेकर आना चाहिए। अक्सर देखने में आ रहा है कि स्वजन पहले घर पर ही प्रसव कराने का प्रयास करते है। जिससे जच्चा और बच्चा दोनों की जान खतरे में डाल देते हैं।

डा. एसपी गौतम, सीएमओ

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