जेएनएन, शाहजहांपुर : लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हुलासनगरा क्रासिग के पास जाम की समस्या आम बात हो गई है। आए दिन यहां जाम लग जाता है, कभी किसी ट्रक के खराब होने से या कभी फाटक खराब होने के चलते। शुक्रवार देर रात बहगुल नदी के पुल के पास एक्सल टूटने से काफी देर जाम लगा रहा। दोपहर फाटक की रिपेयरिग के दौरान वाहन रोके जाने के कारण फिर से जाम लग गया। जिस कारण देर शाम तक यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया। शुक्रवार रात करीब साढ़े 12 बजे खैरपुर से यूकेलिप्टस की लकड़ी लेकर बरेली जा रहा ट्रक बहगुल पुल के पास पहुंचा तो उसका एक्सल टूट गया। चालक मदनापुर के ग्राम रजपुरा निवासी बबलू की सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक लंबा जाम लग चुका था। फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने जेसीबी की मदद से खराब ट्रक को सड़क के किनारे कराया। इसके बाद बमुश्किल जाम खुलवाया जा सका, लेकिन वाहन रेंगते रहे।

शनिवार दोपहर दो बजे हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिग गेट के फाटक की वेल्डिग के लिए टीम पहुंची। तीन बजे तक मरम्मत का काम होता रहा। इस दौरान सड़क यातायात बाधित होने से फिर से जाम लग गया। गेटमैन रजनीश द्विवेदी ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ट्रेनों को स्लाइड बूम से पास कराया। बरेली के बिलपुर रेलवे स्टेशन अधीक्षक मो. हनीफ ने बताया कि वेल्डिग का कार्य हुआ था। इस दौरान ट्रेनों के संचालन पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह सोलंकी ने बताया कि रात फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र में खराब हुए ट्रक के करा जाम लग गया था, लेकिन पुलिस ने तेज बारिश के बावजूद यातायात सुचारू कराया। रूट डायवर्जन में दिक्कत बन रहा जर्जर संपर्क मार्ग

डीएम के निर्देश के बाद भी हुलासनगरा-कसरक संपर्क मार्ग पर सड़क का निर्माण न होने से ग्रामीणों में काफी रोष है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम के दौरान रोज जर्जर मार्ग पर होने वाले रूट डायवर्जन के दौरान अक्सर वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं जिस कारण इस मार्ग पर भी यातायात बाधित हो जाता है। करीब दो किमी. लंबी इस सिगल सड़क पर जगह-जगह एक से डेढ़ फीट के गहरे गड्ढे हो गए हैं। ग्राम प्रधान महेंद्र पाल सिंह यादव ने बताया कि कई बार इस संबंध में एनएचएआइ के अधिकारियों को मौके पर ले जाकर सड़क का निर्माण कार्य कराने के लिए पत्र लिखकर दिया। 22 अप्रैल को हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिग गेट पर हुए हादसे में पांच लोगों के बाद डीएम इंद्र विक्रम सिंह व एसपी एस आनंद ने इस सम्पर्क मार्ग को रूट डायवर्जन के लिए उपयोगी बताते हुए एनएचएआइ के ठेकेदार को इसे चौड़ा कर मरम्मत के निर्देश दिए थे, लेकिन कोई अमल नहीं हुआ। निर्माणदायी संस्था पीआरएल के प्रोजेक्ट प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि उन्हें एनएचएआइ की ओर से कसरक संपर्क मार्ग बनाने के संबंध में कोई आदेश नहीं मिला है।

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