यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से दो बच्चों समेत तीन की मौत
ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है।

शाहजहांपुर: ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। दो बच्चों समेत तीन लोगों की बुखार से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके बाद भी लोग झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। जिसकी वजह से ज्यादातर जान जा रही हैं। परौर में तीन वर्षीय बच्चे और निगोही में सात वर्षीय बच्चे की बुखार से मौत हो गई। दोनों के परिजन झोलाछाप से बच्चों का इलाज करा रहे थे।
संवाद सहयोगी, कलान: थाना परौर क्षेत्र के गांव मलेवा निवासी रामनिवास तीन वर्षीय बेटे शिवम उर्फ मलिका राम को चार दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसका क्षेत्र के एक झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। शुक्रवार की शाम उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसको अस्पताल ले जाने की तैयार कर रहे थे। तब तक उसने दम तोड़ दिया। शिवम तीन भाई बहनों में सबसे छोटा था। वहीं थाना परौर क्षेत्र के गांव वजीरगंज निवासी नेकराम का 25 वर्षीय बेटा वीरभान दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। करीब पांच दिन पहले उसको दिल्ली में ही बुखार आया। उसका दिल्ली में ही निजी अस्पताल से इलाज चल रहा था। शुक्रवार की शाम इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंचे परिजन उसको शव दिल्ली से घर ले आये हैं। शनिवार दोपहर उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
संवाद सूत्र, निगोही: क्षेत्र के गांव लोहरगवां निवासी इकबाल हुसैन के सात वर्षीय बेटे शिफा को चार दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसका क्षेत्र के एक झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। शनिवार की सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसको अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। तब तक उसने दम तोड़ दिया।
