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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जैतीपुर में फैला बुखार, तीन बच्चों की मौत

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Published: Thu, 21 Aug 2014 11:25 PM (GMT+05:30)

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जैतीपुर : तेज बुखार से क्षेत्र में ग्राम प्रधान के पोते सहित तीन बच्चों की मौत हो गई जबकि दर्जनों बच्चें तीव्र ज्वर से पीड़ित है। वहीं स्वास्थ्य विभाग अनदेखी के चलते ग्रामीणों में तीखा आक्रोश व्याप्त है।

बीती सोमवार की रात ग्राम भरई के ग्राम प्रधान गयाराम यादव के चार वर्षीय पोते की तीव्र बुखार से हालत खराब हो गई। सुबह परिजन बच्चे को लेकर सीएचसी पर गए, जहां चिकित्सकों ने बच्चे की हालत गंभीर होते देख शाहजहांपुर रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में भी हालत में सुधार न होने पर बच्चे को बरेली के एक निजी नर्सिग होम में भर्ती कराया गया। यहां तीन घंटे के इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। वहीं ग्राम गौहावर के श्यामवीर के पुत्र हिमांशु चार वर्ष को भी तेज बुखार आने से अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने पर उसे शाहजहांपुर के कपूर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके साथ ग्राम आजमाबाद के तिलक सिंह के पांच वर्षीय पुत्र श्याम की तेज बुखार से मौत हो गई। ग्राम पीरी के राम, कल्लू, टप्पू, सीमा, ग्राम मदरुआ के दान सिंह का पुत्र मुकेश, ग्राम गौहापुर में बबलू का पुत्र राजेश, ग्राम छेदापट्टी के राम सिंह का पुत्र दीपक सहित क्षेत्र के तमाम बच्चे तेज बुखार से पीड़ित है।

इस सम्बन्ध में डा. मनोज मिश्र ने बताया कि अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध हैं। मरीजों का इलाज किया जा रहा है, किसी मरीज की हालत गंभीर होने पर ही जिला अस्पताल रेफर किया जाता है।

वहीं प्रधान मुन्ना कुशवाहा, गयाराम यादव, प्रधान ओमपाल, रामप्रकाश, बलवीर यादव, राघवेन्द्र, मनोज, प्रबल प्रताप यादव, राकेश सिंह, मोहनलाल, कुंजबिहारी, कुसुम पाठक, सुमन यादव, ओमवती, सावित्री, रानी देवी, मनोरमा, संगीता, रामवती, मुन्नी देवी सहित क्षेत्र के तमाम ग्रामीणों व प्रधानों ने जिलाधिकारी को प्रेषित पत्र में लिखा है कि सीएचसी पर अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि न ही चिकित्सक समय से अपने कक्ष में बैठ रहे हैं और न ही वहां पर दवाइयों करी उपलब्धता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तीखा आक्रोश प्रकट करते हुये क्षेत्र में छोटे बच्चों के मेडिकल परीक्षण की मांग की है।