शाहजहांपुर, जेएनएन। कभी साजिश तो कभी सियायत...इन पर्दों की आड़ लेकर चिन्मयानंद ने बचने की हर कोशिश की। हर बार आरोप को झुठलाते रहे, लेकिन जब प्रमाण सामने आए तो मुंह से बस चंद शब्द निकले...मुझे कुछ नहीं कहना, शर्मिंदा हूं मैं। एसआइटी के अनुसार पूछताछ के दौरान स्वामी चिन्मयानंद ने माना कि उनसे गलती हो गई है।

पीड़ित छात्रा का वीडियो वायरल होने बाद चार सितंबर को चिन्मयानंद पहली बार मीडिया के सामने आए थे। कहा कि छवि खराब करने की साजिश हो रही जिसमें कॉलेज के ही कुछ लोग शामिल हैं। कुछ ऐसे लोग हैं जो जिले का विकास नहीं चाहते, वे षड्यंत्र रच रहे। बचने के लिए उनके यह तर्क साक्ष्यों के आगे नहीं टिके। एसआइटी ने जांच में बड़ी संख्या में साक्ष्य इकट्ठे किए। एक साल के अंदर चिन्मयानंद ने छात्रा को दो सौ फोन किए। जो वीडियो क्लिप वायरल हुईं, फॉरेंसिक जांच में सही पाई गईं। छात्रा की मां को मई में नौकरी पर रखना, पिता को नौकरी दिलाने की आश्वासन देना, छात्रा को पढ़ाई के साथ-साथ कॉलेज में नौकरी दिलाना...ऐसे कई बिंदु एसआइटी की जांच में शामिल हुए।

शुक्रवार दोपहर को एसआइटी प्रमुख आइजी नवीन अरोड़ा ने मीडिया से बात की। कहा कि पीड़िता ने जो वीडियो सौंपे थे, उन्हें चिन्मयानंद को दिखाया गया। कुछ फोटो भी थे। अरोड़ा बोले, चिन्मयानंद ने माना कि वीडियो में वही हैं। अश्लील बातें करने की बात भी स्वीकारी। आगे वह सिर्फ इतना बोले कि अब उन्हें कुछ नहीं कहना है। मैं शर्मिंदा हूं। जांच में प्रमाणित हो चुका था कि वीडियो में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई। ऐसे में चिन्मयानंद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

चिन्मयानंद मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आइजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि चिन्मयानंद ने बताया कि उन्होंने छात्रा को मालिश कराने के लिए बुलाया था। दुष्कर्म के आरोप को उन्होंने खारिज किया। इसके साथ ही स्वामी चिन्मयानंद से फिरौती मांगने के कारण गिरफ्तार छात्रा के दोस्त तथा दो अन्य से भी पांच करोड़ रुपये की रंगदारी करने की मांग स्वीकार की है।

मालिश कराते हुए 16 वीडियो सोशल मीडिया में वायरल

स्वामी चिन्मयानंद ने शुक्रवार को एसआइटी की पूछताछ में माना कि उससे गलती हो गई। मालिश के लिए छात्रा को अपने कमरे में बुलाया था। इस दौरान चिन्मयानंद ने कहा कि वह अपने कृत्य शर्मिंदा है और उससे बड़ी भूल हुई है। दस सितंबर को चिन्मयानंद के मालिश कराते हुए 16 वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए। इसके तुरंत बाद एक और वीडियो जारी हुआ था, जिसमें लॉ छात्रा, उसका दोस्त संजय सिंह और कुछ और लोग दिखे थे। यह सभी लोग कहीं जा रहे थे और गाड़ी में आगे बैठा शख्स छात्रा और संजय सिंह को रुपये मांगने को लेकर फटकार लगा रहा था। इस वीडियो में बहुत कुछ ऐसा था, जिससे लग रहा था कि चिन्मयानंद से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने में इन्हीं लोगों का हाथ है। जांच के तहत एसआईटी को यह वीडियो भी सौंपा गया था।

डॉक्टरों की रिपोर्ट के बाद भेजा जेल

एसआइटी प्रमुख ने बताया कि चिन्मयानंद की दो दिन से तबीयत बिगड़ रही थी, इसलिए उनकी गिरफ्तारी में पूरी

सावधानी बरती गई। शुक्रवार सुबह को गिरफ्तारी के बाद उन्हें सीधे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए। विशेषज्ञों से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। जब यह तय हो गया कि इस स्थिति उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है, तब कोर्ट लेकर गए। वहां रिमांड की अपील की। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

ब्लैकमेल करने वाले आरोपियों ने भी कबूला गुनाह

मामले की जांच कर रही एसआइटी ने पीड़ित छात्रा के दो चचेरे भाइयों और उसके दोस्त को भी गिरफ्तार किया है। तीनों पर चिन्मयानंद को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पांच करोड़ रुपये मांगने का आरोप है। एसआइटी की पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चिन्मयानंद से वीडियो के एवज में पांच करोड़ रुपये की मांग की थी।

चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने में पीड़िता का भी था हाथ, होगी कार्रवाई

दुष्कर्म तथा यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार हुए पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वानी चिन्मयानंद से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में पीड़ित छात्रा का भी हाथ होना सामने आया है। एसआइटी प्रमुख आइजी नवीन अरोड़ा ने कहा कि रंगदारी के मामले में पीड़ित छात्रा की संलिप्तता पाई गई है। साक्ष्यों के मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। एसआइटी ने बताया कि आरोप लगाने वाली छात्रा और चिन्मयानंद के बीच करीब 200 बार बातचीत हुई है। चिन्मयानंद से फिरौती मांगने वाले युवकों और छात्रा की भी आपस में बातचीत होती थी। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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