जेएनएन, शाहजहांपुर : समय के लगभग दस बजे..। स्थान जमुका दोराहे से लगभग दो सौ मीटर दूर दिलासाराम की किराने की दुकान। रोज की तरह दिलासाराम दुकान पर बैठे हुए थे तभी अचानक तेज धमाका सुनाई दिया। मानो कहीं बम फटा हो। अगले ही पल दुकान से बाहर आए तो दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गये। जमुका दोराहे के पास क्षतिग्रस्त टेंपो खड़ा था। उससे कुछ दूरी पर सड़क पर बोरियां पलटी हुईं थीं। सड़क किनारे खाई में ट्रक पलटा हुआ था। समझते देर न लगी कि क्या हुआ है। अगले ही पल दिलासाराम अपने दोनों बेटों के साथ घटनास्थल पर भागे। साथ में आसपास के दुकानदार भी दौड़े। मौके पर पहुंचे तो टेंपो से कुछ दूर दो लोग घायल पड़े थे। अंदर चालक अनीस फंसा हुआ था। उसे किसी तरह बाहर निकाला। रोजा की ओर से आ रहे टेंपो को रुकवाया। उसमें से सवारियां उतरवाईं और तीनों घायलों को उसमें बैठाकर रवाना किया। इस बीच पुलिस को सूचना दी गई। एसपी व एंबुलेंस को फोन किया। तभी सड़क पर गिरीं पान मसाले की बोरियों के नीचे लोग दबे दिखे। लोगों ने आनन फानन में बोरियां हटवाकर घायलों को सड़क किनारे बैठाना शुरू किया। इस बीच पुलिस पहुंच गई। वाहन रुकवाकर घायलों को उससे अस्पताल भिजवाना शुरू किया। खाई में पलटे ट्रक के नीचे से चीखें सुनाई दे रही थीं। लोगों ने जाकर देखा तो ट्रक के नीचे मैजिक थी। लोग वहां पर फंसे हुए थे। इस बीच एक सिपाही क्रेन लेकर पहुंच गया। ट्रक को हटाने के बाद घायलों को मैजिक से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन घायलों की स्थिति काफी गंभीर थी। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उन्होंने दम तोड़ दिया।

भैया मेरे चोट तो नहीं लगी

ट्रांसपोर्टर सचिन ने बताया कि घायलों को निकालने के दौरान एक लड़के ने उनसे पूछा कि क्या उसे चोट तो नहीं लगी है। सचिन ने बताया कि उसके दोनों पैर कुचल चुके थे। उसके इस सवाल पर वह अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्होंने बताया कि इसके बाद लड़का बेहोश हो गया। उसे जिला अस्पताल भिजवा दिया।

दुकानदार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि दो धमाकों की आवाज आयी। पहले आवाज आयी तो सोचा कि किसी की टीन गिर गई हो गई, लेकिन दूसरा धमाका तेज था, जिसके बाद हादसे का पता चला। मौके पर जाकर देखा तो मंजर दिल दहलाने वाला था।