विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गश्त करने वाले सिपाहियों को स्कैन करना होगा क्यूआर कोड, शाहजहांपुर में एसपी ने लागू की नई व्यवस्था

Published: Tue, 01 Sep 2026 04:50 PM (IST)

शाहजहांपुर में एसपी सौरभ दीक्षित ने रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग व्यवस्था शुरू की है।

News Article Hero Image

HighLights

  1. रात्रि गश्त में सिपाहियों की सक्रियता सुनिश्चित करने हेतु।

  2. सार्वजनिक स्थलों पर क्यूआर कोड स्कैन करना अनिवार्य।

  3. चोरी, लूट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में सहायक।

अजयवीर सिंह, शाहजहांपुर। रात में सिपाही ड्यूटी छोड़कर सो रहे या गश्त पर हैं...! इसकी गवाही क्यूआर कोड देगा। जो सिपाही सार्वजनिक स्थलों पर लगे पुलिस के क्यूआर कोड स्कैन करेंगे, उन्हें गश्त पर माना जाएगा, शेष को अनुपस्थित।

एसपी सौरभ दीक्षित ने जिले में यह व्यवस्था बनाई, जिसे मंगलवार से लागू कर दिया जाएगा। शहर में 15 अतिसंवेदनशील मुहल्लों और सभी 1059 ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। जैसे-जैसे क्यूआर कोड लगते जाएंगे, उस क्षेत्र के सिपाही की स्कैनिंग अनिवार्य होती जाएगी।

रात्रि गश्त में अक्सर बीट सिपाही थाने-चौकी में बैठकर झपकी लेने लगते हैं। उनके गश्त पर सक्रिय न होने से चोरी-लूट आदि घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। वे अपने क्षेत्र में गश्त करें, इसकी निगरानी के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग व्यवस्था बनाई गई है। पुलिस विभाग की ओर से बनाए गए क्यूआर कोड स्कैनर अतिसंवेदनशील मुहल्लों के चौराहों, गांवों के पंचायत भवनों, स्कूलों आदि सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे हैं।

रात्रि ड्यूटी वाले सिपाही उस क्षेत्र में गश्त के दौरान अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन करेंगे। ऐसा करते ही उनके फोन नंबर के साथ क्राइम कंट्रोल यूनिट में अलर्ट पहुंचेगा। इससे सुनिश्चित हो जाएगा कि उस क्षेत्र के सिपाही गश्त पर सक्रिय हैं। ये क्यूआर कोड स्कैनर जियो टैगिंग से लैस हैं, इसलिए लोकेशन भी पता चल जाएगी। ऐसा इसलिए किया गया ताकि क्यूआर कोड का फोटो मोबाइल में सुरक्षित कर घर बैठकर स्कैनिंग न की जा सके।

डायल 112 की भी बढ़ाई जिम्मेदारी

एसपी ने इस व्यवस्था में डायल 112 के पुलिसकर्मियों को भी जोड़ा है। वे एक स्थान पर खड़े रहने के बजाय संवेदनशील स्थानों पर भ्रमण करेंगे। उन्हें भी क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी लोकेशन की प्रमाणिकता देनी होगी।

इसके साथ ही, एसपी ने दो माह पहले डायल 112 पुलिस को मौके पर ही तहरीर लेने की जिम्मेदारी दी थी ताकि लोगों को कार्रवाई के लिए थाने-चौकी के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़े। यह पहल काफी सार्थक साबित हो रही है।

गांव सुरक्षा समितियां बनी हैं, लेकिन ज्यादातर निष्क्रिय होने के कारण अपराध नियंत्रण में उनकी मदद नहीं मिल पाती। अब गश्त पर जाने वाले पुलिसकर्मियों को उनके साथ भी समय-समय पर बैठक करनी होगी, जिसके फोटो भी उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराने होंगे।

अपराध नियंत्रण के लिए क्यूआर कोड स्कैनिंग व्यवस्था बनाई गई है। रात्रि गश्त के दौरान पुलिसकर्मी सक्रिय रहेंगे तो चोरी, लूट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा। पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा। इसकी मानीटरिंग क्राइम कंट्रोल यूनिट करेगी।

-सौरभ दीक्षित, एसपी