बुलडोजर लेकर पहुंचा नगर निगम तो मोहलत मांगने लगे कब्जाधारी, प्रशासन की कार्रवाई से मचा हड़कंप
शाहजहांपुर में नगर निगम ने ग्रीन रोड पर स्ट्रीट लाइट पोल छिपाने वाले अतिक्रमण हटाए, जिससे हड़कंप मच गया। कुछ ...और पढ़ें

HighLights
शाहजहांपुर ग्रीन रोड पर नगर निगम ने अतिक्रमण हटाए।
बिना नोटिस छज्जे तोड़ने पर दुकानदारों ने विरोध किया।
अधिकारियों ने पक्षपात के आरोपों को खारिज किया।
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। बलिदानी अहमद उल्ला शाह पार्क से तेल टंकी रोड तक नवनिर्मित ग्रीन रोड के दोनों ओर फुटपाथ पर निकाले गए छज्जों और बालकनी को हटवाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने बैकहो लोडर चलवाया, लेकिन उस दुकान का छज्जा तुड़वाया जिसको नोटिस तक जारी नहीं किया गया था, जिनको चेतावनी दी थी, उनको दो दिन की मोहलत दी।
सीएम ग्रिड योजना के तहत ग्रीन रोड का निर्माण किया गया है। छह करोड़ की लागत से करीब 400 मीटर लंबी और 13 मीटर तक चौड़ी इस रोड के दोनों ओर फुटपाथ बने हैं। जिस के किनारों पर मकानों की ओर से फैंसी स्ट्रीट लाइट के पाेल लगाए गए थे।
हिदायत दी गई थी कि कोई भी भवन स्वामी इन पोल के आगे निर्माण नहीं करेगा, लेकिन कुछ लोगों ने काम पूरा होते ही छज्जों और बालकनी का इस तरह से कराया कि फैंसी स्ट्रीट लाइट के पोल छिप गए।
इसको लेकर 13 लोगों को नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया गया, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा। चार दिन पूर्व अंतिम नोटिस जारी कर तीन दिन में स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।
निर्माण न हटने पर सोमवार को मुख्य अभियंता आशीष त्रिवेदी ने प्रवर्तन दल और बैकहो लोडर के साथ पहुंचे और निर्माण हटवाना शुरू किए, लेकिन वाजिद व साबिर खान की दुकान पर छज्जे तुड़वाकर बैकहो लोडर चलवाकर अभियान रोक दिया गया।
दोनों ने कोई भी नोटिस या चेतावनी जारी होने से इनकार किया, पर उनकी बात नहीं सुनी गई। शेष सभी को दो दिन में निर्माण हटाने का समय फिर से दिया गया।
लोग बोले-
पोल के आगे किए गए निर्माण को हटवा देंगे। इसके लिए दो दिन समय मुख्य अभियंता से मांगा हैं।उन्होंने फिलहाल पांच फीट तक हटाने को बोला है। -विवेक दीक्षित
रोड का निर्माण शुरू होने पर हम लाेगों स्वयं ही अपने चबूतरे हटा लिए थे। अब छज्जों को हटाने के लिए बोला जा रहा है, जब इनका निर्माण हो रहा तभी रोकना चाहिए था। -राजेंद्र सिंह
किसी तरह का नोटिस नहीं मिला, फिर भी दुकान पर बैहो लोडर चलवा दिया। जिनके पास नोटिस गया उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है, नुकसान कौन भरेगा। -साबिर खान
जब छज्जा का निर्माण करवा रहे थे तब किसी ने यह नहीं बताया कि कितना निर्माण करना है। कोई नोटिस भी नहीं मिला है,अब जो सूची लाए हैं उसमें नाम है। -राकेश कुमार
इन्होंने कहा...
पक्षपात नहीं किया गया है, उन सभी के निर्माण पर बैकहो लोडर चलेगा जिन्होंणे पोल के आगे तक निर्माण कर लिया है।कुछ लोगों ने दो दिन का समय देने का अनुरोध किया था। जिनकी दुकान तोड़ी गई उसका छज्ज पाेल के आगे था, इसिलए तुड़वा दिया।
-आशीष त्रिवेदी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
