शाहजहांपुर: बुखार का कहर कम नहीं हो रहा है। बीमारी से जिले में सात और लोगों की मौत हो गई। जिसके साथ ही बुखार से मरने वाला का आंकड़ा 65 तक पहुंच गया है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग अभी भी बुखार से दो मौत होने की पुष्टि कर रहा है। शहर से लेकर देहात तक बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। हर घर में बुखार के मरीज मौजूद हैं। लेकिन स्वास्थ्य महकमा अब भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। जांच में मलेरिया नहीं निकलने पर वायरल का इलाज किया जा रहा है।

बालिका समेत दो ने दम तोड़ा

संवाद सहयोगी, जलालाबाद: क्षेत्र के गांव हारकटेटा में बुखार से एक बालिका समेत दो की मौत हो गई। गांव निवासी रामसागर की 10 वर्षीय बेटी शिखा को चार दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने उसको दवा दिला थी। जिससे उसका बुखार ठीक हो गया था। बुधवार की सुबह स्कूल जाने पहले नहाने गई। जो काफी तेज ठंड लगने लगी और तेज बुखार आ गया। परिजन उसको सीएचसी लेकर गये। जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, रात में हालत ज्यादा खराब होने पर डॉक्टर ने उसे बरेली रेफर कर दिया। बरेली ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक पूर्व माध्यमिक स्कूल में कक्षा छह की छात्रा था। इसी गांव के 65 वर्षीय मूल्लो देवी को पांच दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उनका झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। गुरुवार की सुबह अचानक हालत बिगड़ने पर परिजन उनको कस्बा के एक निजी डॉक्टर के पास लेकर गये। जहां कुछ देर इलाज के बाद उनकी मौत हो गई।

परौर में दो बच्चों की मौत

संवाद सहयोगी, कलान: परौर कस्बा में बुखार से दो बच्चों की मौत हो गई। कस्बा के मुहल्ला बिचपुरी निवासी राजपूत की सात वर्षीय बेटे अमन को पांच दिन बुखार आ रहा था। परिजनों ने उसको फर्रूखाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान बुधवार की रात उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक अमन कक्षा कस्बा के एक निजी स्कूल में कक्षा दो का छात्र था। सात भाई बहनों में पांचवें नंबर पर था। अमर की मां कुसुमा देवी बेटे की मौत से बेसुध हो गई हैं। वहीं कस्बा निवासी परवेंद्र ¨सह की 10 वर्षीय बेटी सुहानी एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उसको शहर के कई निजी अस्पतालों में दिखाया, लेकिन उसे कोई फायदा नहीं हुई। पिछले तीन दिनों से उसका इलाज लखनऊ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बुधवार की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दिल्ली में इलाज के दौरान मौत

संवाद सूत्र, परौर: क्षेत्र के गांव भूड़ा निवासी राजू की 13 वर्षीय बेटी निशा को आठ दिन पहले बुखार आया था। राजू राजस्थान में नौकरी करते हैं। निशा की मां अफसाना उसे लेकर पति के पास राजस्थान चली गई। वहां इलाज से कोई फायदा नहीं हुआ था। निशान को तीन दिन पहले दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार की रात इलाज के दौरान निशान दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक निशा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा था। राजू की पत्नी अफसाना का भी बुखार से बुरा हाल है। मृतका के पांच बहन और एक भाई है।

दिल्ली में नौकरी कर रहे युवक ने तोड़ा दम

संवाद सूत्र, उखरी खदागंज: क्षेत्र के गांव चरखौला निवासी नरेशपाल का 18 वर्षीय बेटा अमित पिछले कई महीनों से दिल्ली में नौकरी कर रहा था। चार-पांच दिन पहले उसे बुखार आया। उसको दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान बुधवार की शाम उसकी मौत हो गई। मृतक छह भाइयों में तीसरे नंबर पर था।

बुखार से महिला की मौत, लापरवाही का आरोप

संवाद सूत्र, अल्हागंज: क्षेत्र के गांव ¨ठगरी निवासी महिपाल की 32 वर्षीय पत्नी भवानी को पांच दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उसको जलालाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे फर्रूखाबाद रेफर कर दिया। फर्रूखाबाद के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार की रात उसकी मौत हो गई। मृतका के मायके वालों ने ससुराल वालों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।

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