शाहजहांपुर : शासन ने भले ही तहसील दिवस का नाम बदलकर संपूर्ण समाधान दिवस कर दिया हो, पर इसका व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। फरियादियों की न तो सरकारी दफ्तरों में सुनवाई हो रही है और न ही इस तरह के मंचों पर कोई हल निकल रहा है। मंगलवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भी कुछ ऐसा ही हुआ।उम्मीदों के साथ अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे फरियादियों को निराशा ही हाथ ली। डीएम की अध्यक्षता में जलालाबाद में हुए समाधान दिवस में 55 शिकायतें आईं, जिनमें से मात्र एक को ही निस्तारित किया जा सका। हालांकि उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो शिकायतें अनिस्तारित रह गई हैं उनका अन्य तहसीलों में भी स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं रही।डीएम ने दिव्यांगों को प्रमाण पत्र जारी न होने की शिकायत पर जिला दिव्यांग जन कल्याण अधिकारी को फटकार लगाई। लेखपालों के स्तर से आने वाली शिकायतों का एसडीएम को रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए। कहा कि कभी भी जांच करा सकते हैं। बीडीसी प्रेमपाल गुर्जर ने शौचालय आवंटन न होने की शिकायत की, जिस पर डीएम ने जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी शिकायतें मिली हैं उनका जल्द निस्तारण कराएं। कहा कि किसी भी फरियादी की शिकायत लंबित न रखी जाए। इस दौरान सबसे ज्यादा 19 शिकायतें राजस्व विभाग से आईं। पुलिस की 16, विकास विभाग की दस, नगरपालिका की छह, शिक्षा विभाग, बाल विकास परियोजना की एक-एक व पूर्ति विभाग की दो शिकायतें आईं। इस मौके पर विभिन्न विभागों के स्टाल लगाकर योजनाओं की पात्रों को जानकारी दी गई। इस दौरान एसपी केबी ¨सह, सीएमओ डॉ. आरपी रावत समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सीडीओ ने सुनी समस्याएं

कलान : सीडीओ संजीव ¨सह ने संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याओं को सुना। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द निराकरण के निर्देश दिये। इस मौके पर तहसीलदार रामौतार आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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