जेएनएन, शाहजहांपुर : नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के सदस्यों ने स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने रेलवे के निजीकरण को लेकर चल रही प्रक्रिया का विरोध किया।

सोमवार को शाखा अध्यक्ष रामौतार शर्मा के नेतृत्व में कर्मचारी एकत्रित हुए। सचिव नरेंद्र त्यागी ने कहा कि रेलवे का निजीकरण किसी भी तरह देश व रेलहित में नहीं है। उन्होंने दूरसंचार विभाग का उदाहरण दिया। पहले संचार व्यवस्था बीएसएनएल देखती थी, लेकिन निजी हाथों को बढ़ावा देने बीएसएनएल दुर्दशा की कगार पर है। शाखा सचिव रोजा अमित भागवत मिश्र ने निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि वंदे भारत ट्रेन को बनाने का टेंडर दो सौ करोड़ रुपये में हुआ, लेकिन रेलवे कर्मचारियों ने इसी ट्रेन को मात्र 98 करोड़ रुपये बना दिया। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष सुनील तिवारी, शुभम मिश्रा, यतेंद्र त्रिवेदी, संजीव सोनी, रामनिवास, चंदा, रामहरि मिश्र, अनुराग, कंचन वाला, धर्मेंद्र, शांति देवी, सुधा देवी, सावित्री देवी, त्रिलोक चंद्र, डीके अमन, कृष्ण कुमार, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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