जेएनएन, शाहजहांपुर : बीएसएनएल में मैनपावर की कमी के चलते ब्रॉडबैंड की स्पीड भी प्रभावित हो रही है। आये दिन हो रहे फाल्ट समय रहते ठीक न होने की वजह से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।

जनवरी 2020 में जिले में टीडीएम समेत 82 अधिकारी व कर्मचारियों का स्टाफ दूर संचार विभाग में तैनात था। लेकिन जनवरी माह में ही टीडीएम सौरभ मिश्रा समेत 34 कर्मचारियों को वीआरएस दे दिया गया। जबकि दस कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए। ऐसे में महज 38 का स्टाफ यहां बचा है। मैनपावर की कमी का सीधा असर संचार सेवाओं पर भी पड़ना शुरू हो गया। सर्वाधिक दिक्कत कनेक्टिविटी तथा इंटरनेट की स्पीड में आ रही है, जिस कारण निजी व सरकारी कार्यालय में काम-काज प्रभावित हो रहे है। अक्टूबर माह में ही कई बार केबल कटने के मामले सामने आ चुके हैं। जिन्हें ठीक कराने में विभागीय कर्मचारियों के पसीने छूट गए।

ब्राडबैंड के एक हजार कनेक्शन

जिले में ब्रॉडबैंड मौजूदा समय में करीब एक हजार कनेक्शन हैं। जिसमे कलेक्ट्रेट, विकास भवन समेत सभी सरकारी कार्यालय शामिल है। जहां अक्सर फरियादियों को कर्मचारी नेटवर्किंग न होने की दिक्कत बताकर टरका देते है।

आप्टिकल फाइबर से जुड़े 500 उपभोक्ता

शहर से लेकर गांव तक सरकार ने एक साल पहले आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की शुरुआत की थी। ताकि गांवों में भी बेहर मोबाइल व ब्रॉडबैंड सेवा मिल सके। जिले में अभी तक 500 उपभोक्ता ही आप्टिकल फाइबर से जुड़ सके हैं।

तीन माह से टीडीएम चल रहे अवकाश पर

टीडीएम रमेश चंद्र सिंह तबीयत खराब होने के कारण तीन माह से अवकाश पर हैं। उनका चार्ज फर्रुखाबाद के अनूप वाजपेयी के पास है। जिस वजह से कामकाज भी प्रभावित हो रहे है।

वर्जन

फाल्ट होने पर कुछ दिक्कतें आ जाती हैं। जहां स्पीड कम आ रही है उसका निस्तारण कराया जाएगा। स्टाफ की कमी को पूरा कराने की प्रक्रिया भी चल रही है।

आशीष कुमार, डिवीजनल इंजीनियर दूरसंचार विभाग

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