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300 साल बाद महाशिवरात्रि पर ऐसा संयोग, जो बदल देगा आपकी किस्मत! जानें 5 राजयोगों का रहस्य

Published: Sat, 14 Feb 2026 11:24 PM (IST)

इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी को दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों और पांच राजयोगों के साथ मनाई जाएगी। शनि-सूर्य की युति, शुक्र ...और पढ़ें

महाश‍िवरात्र‍ि

महाश‍िवरात्र‍ि

HighLights

  1. आज अत्यंत दुर्लभ और दिव्य ज्योतिषीय संयोगों के साथ मनाई जाएगी महाशिवरात्रि

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी रविवार को अत्यंत दुर्लभ और दिव्य ज्योतिषीय संयोगों के साथ मनाई जाएगी। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को सुबह तीन बजकर 59 बजे प्रारंभ होकर 16 फरवरी को शाम चार बजकर 45 बजे तक रहेगी। इस दौरान शनि और सूर्य (पिता–पुत्र) की युति, शुक्र का उच्च स्थिति में होना तथा प्रदोष काल का संयोग महाशिवरात्रि को विशेष फलदायी बना रहा है।

ज्योतिष गणना के अनुसार इस दिन पांच राजयोग बन रहे हैं। बुध–सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग, बुध–शुक्र से लक्ष्मी नारायण राजयोग, सूर्य–शुक्र से शुक्रादित्य राजयोग तथा शनि के कुंभ राशि में स्थित होने से शश नामक महापुरुष राजयोग बनेगा। साथ ही कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की एक साथ उपस्थिति से चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा।

श्री रुद्र बाला जी धाम के पं. डा. कान्हा कृष्ण शुक्ल के बताया कि यह महाशिवरात्रि भोलेनाथ की उपासना करने वालों के लिए परम कल्याणकारी है। चार प्रहरों में रुद्राभिषेक, शिव मंत्र जप, बेलपत्र अर्पण और रात्रि जागरण से विशेष सिद्धि प्राप्त होती है। इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा मनोवांछित फल देने वाली मानी गई है।

महाशिवरात्रि चार पहर पूजा मुहूर्त

रात्रि प्रथम पहर पूजा समय : शाम छह बजकर 39 मिनट से रात नौ बजकर 45 मिनट

रात्र‍ि द्वितीय पहर पूजा समय : रात नौ बजकर 45 मिनट से रात 12 बजकर 52 मिनट

रात्र‍ि तृतीय पहर पूजा समय : रात 12 बजकर 52 से सुबह तीन बजकर 59 मिनट

रात्रि चतुर्थ पहर पूजा समय : सुबह तीन बजकर 59 मिनट से सात बजकर छह मिनट

 

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