जेएनएन, शाहजहांपुर : जिला निर्वाचन अधिकारी के निरीक्षण के दौरान तीन कार्मिक पीठासीन के लिए अनुपयुक्त करार दिए गए। सिचाई विभाग के ये कर्मचारी प्रशिक्षण के बावजूद ईवीएम व वीवीपैट की बारीकियां नहीं सीख पाए। डीएम ने तीनों को पीठासीन पद से हटाकर मतदान अधिकारी तृतीय बना दिया। दूसरे कक्ष में उच्च प्राथमिक विद्यालय मालौ के यूपीएस शिक्षक के आत्मविश्वास व सीखने की ललक को डीएम समेत अफसर प्रभावित हुए। शिक्षक ने ईवीएम व वीवीपैट को ऑनआफ करने के साथ ही संबंधित सवालों के फटाफट जवाब भी दे दिए। जिलाधिकारी ने मौजूद मतदान कार्मिकों से आत्मविश्वास के साथ सीखने की अपेक्षा की।

जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम अमृत त्रिपाठी ने रविवार को सेंटपाल स्कूल में चल रहे निर्वाचन कार्मिक प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। प्रत्येक कक्षा में जाकर कार्मिकों से वीवीपैट व ईवीएम की जानकारी ली। एक कक्ष में तीन कर्मचारियों ने खुद को पीठासीन अधिकारी के लिए अनफिट बताते ड्यूटी में असमर्थता जताई। डीएम ने उन्हें पीठासीन अधिकारी के दायित्व से हटाकर मतदान अधिकारी तृतीय बना दिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय मालौं के प्रधानाचार्य भमर पाल सिंह देखने में साधारण लग रहे थे। जब जब उन्होंने आत्मविश्वास के साथ डीएम को वीवीपैट, ईवीएम को ऑन ऑफ करने के बाद जुड़े सवालों के जवाब दिए तो डीएम, डीडीओ, बीएसए समेत सभी अधिकारी बेहद प्रभावित हुए। जिलाधिकारी ने सभी मतदान कार्मिकों से पूर्ण जानकारी की अपेक्षा की। मास्टर ट्रेनर जोगेंद्र गंगवार, एमआर रहमान आदि ने स्मार्ट कक्षा के माध्यम से हाइटेक प्रशिक्षण दिया।

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