गंगा एक्सप्रेस वे का सीमांकन पूरा, समतलीकरण कार्य तेज

जेएनएन, शाहजहांपुर : जनपद में 41 गांवों की जमीन से होकर जाने वाले गंगा एक्सप्रेस वे के सीमांकन का कार्य पूर्ण हो गया है। यूपिडा (यूपी एक्सप्रेस औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की ओर से चिन्हित व चयनित जमीन पर पक्की खूंटी लगा दी गई हैं। अब मशीन से समतलीकरण का कार्य चल रहा है। 12 जून को बैनामा से अवशेष जमीन की स्थिति के प्रकाशन के लिए भी तहसील स्तर से कार्रवाई की जा रही है। मेरठ से प्रयागराज तक स्वीकृत गंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण 12 जून को धारा 19 के तहत भूमि की स्थिति के प्रकाशन के बाद तेजी पकड़ेगा। लेकिन यूपिडा ने कार्यदायी संस्था के निर्माण के लिए रास्ता साफ कर दिया है। तहसील तिलहर सदर तथा जलालाबाद क्षेत्र में चिन्हित 532 हेक्टेयर जमीन पर पक्की खूंटी लगा दी गई है। समतलीकरण के लिए मशीन भी आ गई है। जो वर्तमान में तिलहर तथा जलालाबाद क्षेत्र के गांवों में एक्सप्रेस वे की जमीन को समतल कर रही है। तीन चार दिन में हवाई पट्टी क्षेत्र में भी समतलीकरण कार्य तेज हो जाएगा। बजट से भी मिलेगी संजीवनी छत्तीस हजार करोड़ से स्वीकृत गंगा एक्सप्रेस वे के लिए बजट भी मुहैया करा दिया गया है। इससे भूमि खरीद प्रक्रिया शुरू होने के बाद कार्य में तेजी आ जाएगी। अडानी समूह बदायूं के बाद यहां कार्य तेज कर देगा। संपर्क मार्गों का बिछेगा जाल लोक निर्माण विभाग मंत्री जितिन प्रसाद ने गंगा एक्सप्रेस से क्षेत्र के गावों को संपर्क मार्ग से जोड़ने के दिशा निर्देश दिए है। इसके लिए तिलहर से जलालाबाद तक क्षेत्र के पांच किमी की दूरी में संपर्क मार्ग का जाल बिछेगा। इससे पर्यटन के रूप में विकसित की जा रही भगवान परशुराम की जन्मस्थली के लिए पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। आंकड़ों में गंगा एक्सप्रेस वे पर एक नजर प्रभावित गांव : 41 कुल क्षेत्रफल : 532.4285 हेक्टेयर क्रय की गई भूमि : 501.8048 हेक्टेयर कुल प्रभावित किसान : 5624 अधिग्रहीत जमीन : 498.7730 क्रय के लिए अवशेष : 33.6555 बैनामा प्रतिशत : 93.68 कुल खर्च धनराशि : 4780.07करोड़ गंगा एक्सप्रेस का पक्का सीमांकन कराया जा रहा है। 12 जून को धारा 19 के तहत अंतिम प्रकाशन होगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। राम सेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन

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