संवाद सहयोगी, पुवायां : हरदुआ गांव में बिताये गये तीन दिन अमेरिकी छात्रों को कभी न भूलने वालीं यादें दे गये। वह यहां की अतिथि देवो भव: की संस्कृति से काफी खुश दिखे। उन्होंने संस्था के प्रयासों के साथ आतिथ्य की जमकर सराहना की। उन्होंने अपने अनुभव कुछ इस तरह साझा किये।

गांव की शांति ने मन मोहा

कैथलीन गांव की शांति पर मुग्ध दिखीं। उन्होंने कहा कि शहरों में ¨जदगी भागदौड़ भरी है लेकिन गांव में बेहद शांति है। यहां ट्रैफिक की दिक्कत नहीं, गाड़ियों का शोर नहीं है। चारों तरफ दौड़ते-भागते लोग नहीं। खाना लाजवाब था। सादा और स्वादिष्ट। सब्जियां और दूसरी चीजे यहीं आसपास के खेतों में उगाई गई थीं।

लोग बेहद मिलनसार

एलिजाबेथ ने कहा कि भारत के गांवों के लोग बेहद मिलनसार हैं। सभी आपसे मिलना चाहते हैं, बात करना चाहते हैं। सबके पास अपनी कहानियां हैं जो आपको रोमांचित करती हैं। हरदुआ आकर बहुत अच्छा लगा। इन लोगों से हिन्दी में बात करने की कोशिश की। शुरू में थोड़ी दिक्कत आई लेकिन धीरे-धीरे मजा आने लगा।

शानदार मेहमाननवाजी

गांव के लोगों से मिलकर बेहद खुश दिख रहीं ब्राइस बोलीं हरदुआ और यहां के लोगों ने दिल जीत लिया। मेहमाननवाजी शानदार रही। यहां के बच्चे बहुत अच्छे लगे। उन्होंने हम सभी के लिए गाना गाया जिसे सुनकर मजा आ गया। सभी का शुक्रिया। यहां के खाने की तो बात ही निराली है।

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बॉलीवुड की फिल्में जबरदस्तं

महबूबा कहती हैं कि भारत की हर बात निराली है। फिल्मों की तो बात ही क्या कहना। हाल ही में दीवार फिल्म देखी। फिल्म की कहानी, कलाकारों की ए¨क्टग, संवाद, इमोशन, ड्रामा सब जबदस्त था। फिल्में समाज को राह दिखाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। महिलाओं को जागरूक करने की जरूरत है।

बेतरतीब ट्रैफिक ने किया परेशान

ऐशर बोले भारत में बहुत शानदार चीजें हैं, लेकिन यहां के ट्रैफिक ने परेशान किया। सड़क पर बेतरतीब चलते वाहन आपके लिए मुसीबत खड़ी कर देते हैं। शुक्र है कि हरदुआ में ऐसा नहीं है। यहां के गांव शानदार हैं। लोग गजब के हैं। विशेष रूप से बच्चे बहुत अच्छे हैं।

ग्राम्य जीवन को समझा

अमेरिका की वर्जीनिया यूनिवर्सिटी से आए छात्रों के हिन्दी शिक्षक प्रो. सईद रजा खासे खुश दिखे। उन्होंने कहा कि छात्रों के इस ग्रुप ने कई शहरों का भ्रमण

किया लेकिन कभी भारतीय गांवों में नहीं गए। ऐसे में हरदुआ आना सभी के लिए खासा रोमांचक था। यहां उन्होंने भारत के ग्रामीण परिवेश को समझने का भरपूर मौका मिला।

शानदार अनुभव रहा

प्रोग्राम कोआर्डिनेटर अनुकृति ने कहा कि यह शानदार अनुभव रहा। गांव और यहां के लोगों से रूबरू होकर उन्होंने भारत के बारे में बहुत कुछ सीखा। सीधे गांव वालों से बात करना उनके लिए काफी अलग अनुभव रहा।

Edited By: Jagran