शाहजहांपुर, जागरण संवाददाता। Shahjahanpur Durga Mandir : महानगर के चौक क्षेत्र के मुहल्ला मंडी स्थित दुर्गा मंदिर नवरात्र में शक्ति की साधना का प्रमुख केंद्र रहता है। यहां नौ दिन तक शक्ति की कथा सुनाई जाती है। रोजाना हजारों की संख्या में यहां भक्त शीश नवाकर दर्शन के साथ भगवती की स्तुति करते है।

फूलमती देवी मंदिर तथा बिसरात के काली देवी मंदिर जाने वाले भक्त दुर्गा मंदिर में अश्यक आते है। महानगर के प्रमुख बाजार में मंदिर होने की वजह से भीड़ भाड़ बहुत रहती है।

इतिहास : दुर्गा देवी मंदिर की स्थापना काल 60 के दशक का है। बताते है कि देश की आजादी के बाद मंडी के मैदान को गांधी पार्क में विकसित करने के लिए खोदाई कराई गई। इसी दौरान वहां आदि शक्ति मां दुर्गा देवी की प्रतिमा निकली।

नतीजतन पूजा पाठ शुरू हो गया। भाटनटोला निवासी मटरू लाल तथा जगन्नाथ प्रसाद ने प्रतिमा को वहां स्थापिक कर पूजा पाठ शुरू कर दिया। पूर्व सांसद स्व. विशन चंद्र सेठ ने जन सहयेाग से भव्य मंदिर का निर्माण करा दिया।

विशेषता : दुर्गा देवी की भव्य प्रतिमा के साथ ही मंदिर संतोषी माता, शिव परिवार, विष्णु भगवान माता लक्ष्मी, राम भक्त हनुमान, सूर्य देव, शिव लिंग आदि प्राण प्रतिष्ठा है। नवरात्र में भक्त यहां पूजा पाठ के लिए अवश्यक आते है।

मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु यहां नौ दिन तक होने वाली कथा में योगदान करते है। नवरात्र के समापन पर यहां विशाल भंडारा होता है, जिसमें दूर दराज से संत भक्त आकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।

मैं जबसे मंदिर से जुड़ा, मातारानी ने सभी कष्ट दूर कर दिए। नवरात्र में यहां पूजा पाठ का विशेष फल मिलता है। अधिकांश भक्त यहां कन्याभोज के साथ अनुष्ठान का समापन करते हैं। राम सेवक मिश्रा, भक्त

मंडी में 1965 में जबसे दुर्गा मंदिर बना, क्षेत्र तीर्थ बन गया। यहां श्रद्धा भाव से की गई साधना फलीभूत होती है। जो भी भक्त सच्चे मन से माता से याचना करता है, आदि शक्ति उसे इच्छि फल प्रदान करती है। अरुण शुक्ला, पुजारी

Edited By: Ravi Mishra

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