जेएनएन, शाहजहांपुर : रफियाबाद कलान की ग्राम निधि खाते में लाखों रुपये के फर्जीवाड़े में प्रशासन ने रिपोर्ट तो दर्ज करा दी, लेकिन जांच में खेल शुरू हो गया है। जांच शुरू होने से पहले ही सीओ जलालाबाद अरविद कुमार ने मुकदमे में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा को ही हटा दिया। उनका तर्क है कि गबन का मामला है। इसलिए जांच भी उसी की होगी। अगर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया तो धारा बढ़ा दी जाएगी।

डीपीआरओ पवन कुमार की तहरीर पर कलान पुलिस ने ब्लाक प्रमुख रुचि वर्मा उनके पति राहुल वर्मा, एडीपीएम देवीलाल मौर्य, आपरेटर केसरी नंदन सहित अन्य पर धोखाधड़ी, गबन सहित विभिन्न धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा सात व 13 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना सीओ जलालाबाद के पास पहुंच गई, लेकिन उनके निर्देश पर भ्रष्टाचार की धारा हटा दी गई। इसके साथ ही विवेचना एसआइ यादवेंद्र सिंह को सौंप दी। जांच अधिकारी देवीपाटन मंडल के उप निदेशक पंचायती राज आरएस चौधरी इस पर कुछ बोलने को तैयार नही है। बोले अंतिम जांच में जो स्थिति थी, निदेशक को बता दी गई है। वह कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। हो रही हीलाहवाली

डीपीआरओ ने अपनी तहरीर में लेखाकार व कलान में तैनात एडीओ पंचायत की भूमिका को भी संदिग्ध बताया है, लेकिन पुलिस ने इन दोनों पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। जेल भेजे जाने से पहले एडीपीएम व कम्प्यूटर आपरेटर भी पुलिस खातिरदारी में रहे। हालांकि जब लोगों ने आपत्ति की तो उन्हें हवालात में भेजा। कुछ नामजदों के प्रतिष्ठान शुक्रवार को भी खुले, लेकिन पुलिस पूछताछ करने भी नहीं पहुंची। ब्लाक परिसर में छाया सन्नाटा

शुक्रवार को ब्लाक परिसर में सन्नाटा सा पसरा रहा। बीडीओ अखिलेश त्रिपाठी अपने कार्यालय में नहीं थे। एडीओ पंचायत व ग्राम पंचायत सचिव के भी कार्यालय में भी सन्नाटा था। ब्लाक प्रमुख कार्यालय में भी सन्नाटा पसरा हुआ था। बीडीओ जिला मुख्यालय पर एक बैठक में गए हैं। उन पर हरदोई जिले में भी एक ब्लाक का अतिरिक्त चार्ज है। मैं एक जांच करने क्षेत्र में आया हूं। इसलिए कार्यालय में उपस्थित नहीं हूं।

प्रेम सागर यादव, एडीओ पंचायत कलान जो तहरीर दी गई उसके आधार पर इस मामले में आरोपितों पर भ्रष्टाचार की धारा नहीं बन रही थी। इसलिए हटा दिया गया है। विवेचना में अगर ऐसा कोई तथ्य आएगा तो उसे बढ़ा दिया जाएगा।

अरविद कुमार, सीओ जलालाबाद

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