जेएनएन, शाहजहांपुर : बारिश से बांधों पर बढ़े जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए नदियों का पानी छोड़े जाने का सिलसिला लगातार जारी है। गंगा में नरौरा बांध से गंगा में 64421, रामगंगा में 10547 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि यह खतरे के निशान से अभी काफी कम है, लेकिन प्रशासन बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर ले लिया है। सिचाई विभाग ने कटरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों की कमान संभालकर बचाव कार्य तेज कर दिया है। स्वास्थ्य, पंचायतीराज, पूíत विभाग, पशुधन आदि दर्जन भर विभाग भी राहत कार्य के लिए तैयार हो गए है।

बिजनौर जनपद के नरौरा बैराज से गंगा नदी में लगातार छोड़ जा रहे पानी से भैंसार ढाई बांध पर लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। सिचाई विभाग ने सुरक्षा के लिए बांध पर टीम तैनात कर दी है। क्षेत्र के पाहरुआ, कुनिया, मौजमपुर समेत आधा दर्जन गांवों को रामगंगा से कटान से बचाने के लिए जियो बांध समेत बंबू कटर की मरम्मत व अन्य बचाव व अनुरक्षण कार्य को गति दी जा रही है।

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कटरी में दो दर्जन समेत 71 बाढ़ चौकियां बनी

कलान व जलालाबाद में तहसील में दो दर्जन बाढ़ चौकियां है। इन चौकियों पर राहत सामग्री समेत सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। डीएम ने लेखपाल, सेक्रेटरी समेत दर्जन भर विभागों को इन चौकियों से बाढ़ पीड़ितों को मदद के निर्देश दिए हैं।

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150 नाव तैयार, सेना से भी बात

जिले में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। गंगा में ढाई लाख क्यूसेक डिस्चार्ज सामान्य है। फिर भी प्रशासन बचाव को पूरी तरह तैयार है। 150 नाव की व्यवस्था कर ली गई है। गोताखोरों को भी ग्रामवार चिन्हित कर लिया गया। पीएसी की फ्लड यूनिट व सेना के अधिकारियों से भी बात हो चुकी है। बाढ़ आने पर प्रशासन पीड़ितों की मदद को तत्पर व तैयार है। तिलहर के तीन गांव व कलान जलालाबाद के 14 गावों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

अमर पाल सिंह, दैवीय आपादा प्रभारी व एडीएम वित्त एवं राजस्व

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इंसेट

बांधों से डिस्चार्ज पर एक नजर

- 64421 क्यूसेक पानी छोड़ा गया नरौरा बैराज से गंगा में

- 10547 क्यूसेक पानी का प्रवाहित हो रहा दो बांधों से रामंगगा में

- 306 क्यूसेक पानी का प्रवाह है दियुनी बैराज से गर्रा नदी में

Posted By: Jagran

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