जेएनएन, शाहजहांपुर : युवक-युवती की मौत के बाद शहबाजनगर समेत कई गांवों के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जब उनसे घटना को लेकर जानकारी की तो ग्रामीणों ने बताया कि मालगाड़ी आने से पहले करीब पौन घंटे तक युवक-युवती रेलवे ट्रैक किनारे बैठे बातें कर रहे थे। रिग रोड बनने के बाद अक्सर युवक-युवती क्षेत्र में घूमते रहते है। ऐसे में ग्रामीणों ने इस ओर कोई खास ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि यह दोनों काफी देर से रिग पर भी पैदल ही टहल रहे थे। शहबाजनगर चौकी प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि नदी किनारे खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि मालगाड़ी ने जब हार्न बजाया तो दोनों रेलवे ट्रैक पर जाकर खड़े हो गए। रेलवे ट्रैक पर दोनों को खड़ा देख ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे तब तक मालगाड़ी उन्हें कुचलते हुए निकल गई थी। इसी बीच पीछे से बरेली की ओर से श्रमजीवी एक्सप्रेस आ रही थी, जिसे गेटमैन ने कंट्रोल को सूचना देकर रुकवा दिया।

इकलौती बेटी थी शालिनी

सुशील वर्मा व कुंती देवी की शालिनी इकलौती बेटी थी। उनके दो बेटे अनिकेत व यश है। गंगादीन ने बताया कि सात मई को शालिनी की निगोही क्षेत्र के ही एक गांव से शादी होनी थी।

निगोही पुलिस ने तहरीर लेने से किया इन्कार

शालिनी के मामा गंगादीन ने युवक के स्वजन पर अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए निगोही थाने में तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने तहरीर यह कहते हुए लेने से इन्कार कर दिया कि घटना सदर थाना क्षेत्र की है। ऐसे में पुलिस सदर ही इस मामले में कार्रवाई करेगी। इसको लेकर गंगादीन की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।

जीआरपी भी पहुंचे मौके पर

घटना की जानकारी होने पर जीआरपी के सिपाही भी मौके पर पहुंच गए। लेकिन घटना सदर थाना क्षेत्र में होने की वजह से जीआरपी की टीम वापस चली गई।

परेशान हुए यात्री

बरेली की ओर से आ रही श्रमजीवी एक्सप्रेस करीब पौन घंटे तक बंथरा रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। जिस वजह से यात्रियों को परेशान होना पड़ा। घटना की जानकारी लेने के लिए यात्री ट्रेन से भी नीचे उतर आए थे।

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