जेएनएन, शाहजहांपुर : राशन वितरण की हाइटेक व्यवस्था के बाद राशन माफिया व उन्हें सरंक्षण देने वालों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। 327 अपात्रों को अंत्योदय कार्ड जारी कराने की रिपोर्ट के लिए लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। मामले में संलिप्तता और अभिलेखों का उचित रखरखाव न करने तथा निर्देशों की अवहेलना के लिए पूर्ति लिपिक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। आधार कार्ड से राशन कार्ड न मिलान न होने पर 97 हजार पात्र गृहस्थी कार्ड धारको को संशोधन के लिए नोटिस जारी किया किया है। नगर व गांव के स्कूलों में भी नोटिस चस्पा कर दिया गया है। इस तरह हुआ था राशन कार्ड घपला का खुलासा

ई- पाश मशीन से राशन वितरण शुरू होने पर तमाम राशन कार्ड धारकों के आधार नंबर भिन्न होने की समस्या सामने आई। कोटेदारों ने प्रॉक्सी आप्शन से राशन वितरण कराया। 89294 पात्र गृहस्थी राशन कार्ड से जुड़े 4 लाख 17 हजार 784 यूनिट का मिलान न होने पर राशन वितरण में धांधली का खुलासा हुआ। जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व अमर पाल सिंह की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी। 10636 अंत्योदय कार्ड में 327 अपात्र

37841 अन्त्योदय राशन कार्ड धारकों में 10636 यूनिट की सीडिग न होने पर जांच शुरू हुई। जांच में 327 अंत्योदय कार्ड फर्जी पाए गए। सभी कार्ड निरस्त करने के साथ पूर्ति लिपिक अंकुर श्रीवास्तव तथा लेखपाल कोमल शर्मा को निलंबित कर दिया गया। वर्जन

15.91 फीसद का अंतर पाए जाने पर अंत्योदय कार्ड धारकों की जांच कराई गई। 327 अपात्र अंत्योदय कार्ड धारक पाए गए। सभी के कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। जांच में लेखपाल व पूर्ति लिपिक को भी दोषी पाया गया है। 97 हजार पात्र गृहस्थी कार्डों की भी जांच चल रहीं है।

अमर पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व

Posted By: Jagran

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