संतकबीर नगर : रेलवे स्टेशन खलीलाबाद पर आने वाले यात्रियों के लिए समुचित व्यवस्था न होने से यात्रियों को दुर्गति झेलनी पड़ रही है। आदर्श स्टेशन के आश्वासन की बात तो दूर आवश्यक यात्री सुविधाओं तक का अभाव बना हुआ है। उत्तरी छोर पर मुख्य गेट टिकट खिड़की स्थापित करने की मांग उठने के बाद सारी कार्रवाई डीआरएम व महाप्रबंधक ने आश्वासन तक सीमित होकर रह गई।

गोरखपुर-लखनऊ रुट पर स्थित रेलवे स्टेशन पर अधिकांश ट्रेनों का ठहराव होने के कारण यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में रेल यात्री आते रहते हैं। जो ट्रेनों के समय परिवर्तन व उनके आने की प्रतीक्षा में प्लेटफार्म पर करते हैं। खुला प्लेट फार्म होने से हर समय आम आदमी भी विचरण करते रहते हैं जिससे खतरे की संभावना बनी रहती है। प्लेट फार्म दो व तीन नंबर पर ट्रेनों का ठहराव होने पर भी ओवर ब्रिज पार करना लोगों की मजबूरी हो गई कई बार ब्रिज पर बंदरों के रहने से दिक्कत झेलनी पड़ती है। प्लेट फार्म दो पर न तो कैंटिन न ही पेयजल आदि का समुचित प्रबंध। बस्ती मार्ग से इधर ट्रेन आने पर लोग उत्तरी छोर से ही बाहर निकलते व प्रवेश करते है। ऐसे में कई बार रेलवे ट्रैक से मार्ग पार करते हैं। उत्तरीय छोर पर मुख्य गेट, इंक्वायरी व टिकट खिड़की की स्थापना के लिए स्थानीय नागरिकों ने ज्ञापन भी दिया है। पिछले तीन वर्ष में महाप्रबंधक व अन्य अधिकारियों ने आश्वासन दिया ¨कतु सार्थक पहल नहीं कर जा सकी। आटोमेटिक टिकट के लिए तीन मशीनें लगी है लेकिन यहां पर जागरुकता का अभाव है वहीं आटो वाटर मशीन बिजली गुल होने पर शो पीस बन रही है। रेलवे क्रा¨सग पर नित्य जाम से लोग आजिज है।

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दूर होंगी यात्री सुविधाएं

- स्टेशन अधीक्षक दिलीप कुमार यादव कस कहना है कि बेहतर यात्री सुविधाओं को मुहैया कराने का पूरा प्रयास चल रहा है। व्यवस्था सु²ढ़ करने का प्रयास जारी है। कार्य चल रहा है। शीघ्र ही यात्रियों को उच्चकोटि की सुविधा उपलब्ध होगी।

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यह है मांग

- उत्तरी छोर पर मुख्य प्रवेश द्वार

- प्लेट फार्म दो पर पूछताछ केंद्र व टिकट खिड़की

- प्लेट फार्म पर स्वचलित सीढि़यां

-एटीवीएम के पास कर्मियों की तैनाती

- पर्यटन ²ष्टि से एलटीटी व अन्य ट्रेनों का ठहराव

- संतकबीर की पहचान दिलाने वाले प्रतीक चिह्न

-यात्री व कर्मचारी चिकित्सा सुविधा

- जीआरपी व आरपीएफ आवास की सुविधा

- माल गोदाम मार्ग का निर्माण

-पेयजल की समुचित व्यवस्था का अभाव

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Posted By: Jagran