संतकबीर नगर: कुपोषण की समस्या खत्म करने के लिए जनपद स्तरीय 34 अधिकारियों ने 68 व ब्लाक स्तरीय 40 अधिकारियों ने 80 यानी इन दोनों स्तर के 74 अधिकारियों ने दो-दो यानी कुल 148 गांव गोद लिए हैं। गोद लेने वाले अधिकारियों की गतिविधियों की दशा यह है कि अब तक केवल डीएम के गोद लिए दो गांव जमीरा(नाथनगर ब्लाक)व करैली(बघौली ब्लाक) ही कुपोषण मुक्त हुए हैं, बाकी गांव नहीं। शासन स्तर पर होने वाली वीडियो कांफ्रें¨सग में इसके लिए कई बार यहां के अधिकारियों को फटकार लग चुकी है लेकिन इसके बाद भी प्रगति जस की तस है।

जिला कार्यक्रम विभाग की मानें तो डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी के गोद लिए हैंसर ब्लाक के अशरफपुर गांव में अब एक भी बच्चे कुपोषित नहीं है, यह गांव जल्द खुले में शौच से मुक्त(ओडीएफ)हो जाए तो यह भी कुपोषण मुक्त हो जाएगा। इस दिशा में काम चल रहा है। गोद लिए गांवों को कुपोषण मुक्त करने में अधिकारियों की लापरवाही की बात अक्सर सामने आ रही है। कई अधिकारी ऐसे हैं जो अपने दफ्तर के बाबू अथवा चपरासी को गांव में भेज देते हैं। वहीं कइयों अधिकारी ऐसे हैं जो केवल कागज में हर माह गांव का दौरा करते हैं पर धरातल पर नहीं। यह स्थिति लगभग तीन माह से बनी हुई है। इसके कारण कुपोषण मुक्त करने की प्रगति संतोषजनक नहीं है। जबकि नियम है कि अधिकारी प्रत्येक माह कम से कम एक बार अपने गोद लिए गांव में अवश्य जाएंगे। वहां पर अभिभावकों को संतुलित आहार, टीकाकरण, स्वच्छता सहित अन्य ¨बदुओं के प्रति जागरुक करेंगे। अपनी मौजूदगी में बच्चों का वजन तौलवाएंगे। इसकी रिपोर्ट उसी दिन शाम को जिला कार्यक्रम विभाग को देंगे लेकिन कुछ ही अधिकारी इसका पालन कर रहे हैं।

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जनपद में 28,642 बच्चे हैं कुपोषित

परियोजना क्षेत्र : कुपोषित : अति कुपोषित

नाथनगर : 3,145 : 1,105

खलीलाबाद(ग्रामीण): 2,187 : 0,589

बघौली : 2,292 : 0,813

हैंसर बाजार : 2,515 : 0,576

मेहदावल : 1,268 : 0,566

सांथा : 3,442 : 0,978

सेमरियावां : 3,014 : 0,956

पौली : 1,167 : 0,697

बेलहरकलां : 1,630 : 0,507

खलीलाबाद(शहरी): 0,847 : 0,348

योग : 21,507 : 7,135

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जिले में अब तक केवल दो ही गांव कुपोषण मुक्त हुए हैं। गांवों को गोद लेने वाले सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रुप से अपने-अपने गांव में जाएंगे। इन गांवों के लोगों को जागरुक करने के अलावा कुपोषण मुक्त करने की दिशा में ठोस पहल करेंगे। इसकी इन्हें नियमित रुप से रिपोर्ट भी देनी होगी। इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

भूपेंद्र एस चौधरी

डीएम-संतकबीरनगर

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Posted By: Jagran