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यूपी सीडा 137 बंद इकाइयों के लिए तैयार कर रहा नोटिस, तीन विकल्प में से एक का देना होगा जवाब

Published: Sun, 27 Sep 2026 05:14 PM (IST)

यूपी सीडा संतकबीरनगर में 137 बंद औद्योगिक इकाइयों को नोटिस भेज रहा है, जिससे करीब छह हजार कर्मी बेरोजगार हुए हैं।

यूपी सीडा 137 बंद इकाइयों के लिए तैयार कर रहा नोटिस।

यूपी सीडा 137 बंद इकाइयों के लिए तैयार कर रहा नोटिस।

HighLights

  1. यूपी सीडा 137 बंद औद्योगिक इकाइयों को नोटिस भेजेगा।

  2. इकाइयों को स्वयं चालू करने, हस्तांतरित करने या बेचने का विकल्प।

  3. छह हजार बेरोजगार कर्मियों को रोजगार मिलने की उम्मीद।

दिलीप पाण्डेय, संतकबीरनगर। यूपी सीडा 137 बंद औद्योगिक इकाइयों को नोटिस तैयार कर सात दिन के अंदर भेजने में जुट गया है। इन्हें तीन में से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। इसके बंद होने से करीब छह हजार कर्मी बेरोजगार हुए हैं। इस पहल से औद्योगिक गतिविधियों के तेज होने, रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

वर्ष 1980 के दशक में इंडस्ट्रियल एरिया-खलीलाबाद में यूपी सीडा की गतिविधियां प्रारंभ होती है। इसकी अर्जित भूमि 231.34 एकड़ है। वर्ष 1983 से इस इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योग लगाने के लिए प्लाट दिया जाने लगा। इसमें से 149.66 एकड़ में 363 औद्योगिक इकाइयों थीं।

इसमें फ्लोर मिल, राइस मिल, फूड प्रोडक्ट, फारमल डीहाइड, केमिकल एडं थर्मों प्रोडक्ट,रे डिमेड गारमेंट, स्पीपींग यार्न सहित अन्य उत्पाद तैयार होते थे। इसमें करीब 15 हजार लोगों को नौकरी मिली थीं। इससे उनकी रोजी-रोटी चलती थीं। वहीं 2.93 एकड़ में सात औद्योगिक इकाइयां निर्माणाधीन हैं।

इन सबके बीच 60.79 एकड़ प्लाट में स्थापित 137 औद्योगिक इकाइयां बंद चल रही हैं। इससे करीब छह हजार कर्मी बेरोजगार हो गए। शासन बंद इकाइयों को चलाने को संवेदनशील हुआ है। यूपी सीडा इन बंद इकाइयों को नोटिस तैयार कर सात दिन के अंदर भेजने में जुटा है। बंद इकाइयों को तीन विकल्प दिया जाएगा।

इसमें पहला वे स्वयं चालू कर दें, दूसरा विकल्प-दूसरे को हस्तांतरित कर दें। तीसरा विकल्प-वर्तमान औद्योगिक प्रीमियम दर 3,140 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से आवंटित प्लाट की कुल राशि का 90 प्रतिशत धनराशि यूपी सीडा को भुगतान कर बेच दें।

इन बंद 137 इकाइयों को मिलेगी नोटिस

28 फरवरी 2018 को प्लाट पाने वाले फाई रिफायनरिज एंड केमिकल प्राइवेट लिमिटेड 2024-25 में,10 नवंबर 1988 को प्लाट पाने वाले प्रोपराइटर मुन्ना सिंह की इकाई वर्ष 2000 में, 27 दिसंबर 1988 को प्लाट पाने वाले प्रोपराइटर सुशील घंब की इकाई की वित्त वर्ष 2024-25 व इन्हीं की आठ मार्च 1989 को प्लाट मिलने के बाद उसी वित्त वर्ष में दूसरी इकाई भी बंद हो गई।

10 नवंबर 1988 को प्लाट पाने वाले प्रोपराइटर श्याम ए जावेरी की इकाई 2024-25 में, 31 जुलाई 2001 को प्लाट पाने वाले कमरुद्दीन खान की इकाई 2024-25 में, 11 जुलाई 2001 को प्लाट पाने वाली निर्मला अग्रवाल पत्नी महेश कुमार अग्रवाल की इकाई 2024-25 में, 17 अगस्त 2026 मेसर्स डीएसी लाइविंग साल्यूशंस प्राइवेट उसी वर्ष बंद, 30 मार्च 2022 को प्लाट पाने वाले पार्टनर विक्रम सर्राफ की इकाई 2024-25 में सहित 137 औद्योगिक इकाइयां बंद हो गई हैं।

नोटिस तैयार कर सात दिन के अंदर सभी बंद इकाइयों को भेज दिया जाएगा। जिससे इसके प्लाट को दूसरे को देकर औद्योगिक इकाई संचालित किया जा सके। -धर्म चंद्र, क्षेत्रीय प्रबंधक-यूपी सीडा।