संत कबीरनगर: जनपद के दक्षिण यानी धनघटा तहसील क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी लाल निशान से ऊपर बह रही है। इससे नदी के आसपास के गांवों के लोगों में दहशत है। रविवार को डीएम ने भी इस नदी की जलस्तर व आसपास के गांवों की स्थिति की जांच की। बाढ़ से बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। वहीं राप्ती नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है लेकिन कटान तेज हो रही है।

सरयू नदी का जलस्तर रविवार को सुबह आठ बजे खतरा निशान से 55 सेंटीमीटर ऊपर यानी 79.900 मीटर पर बह रही थी। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बंधे के अंदर बसे गायघाट, ढोलबजा, करणपुर, कंचनपुर, पुरबिया टोला, छपरा मगर्वी, खालेपुरवा आदि गांवों के पास नदी का पानी पहुंचने लगा है। इससे इन गांवों के लोग भयवश परिवार सहित बंधे पर शरण लेना शुरू कर दिए हैं। सरयू के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति पैदा होने की सूचना पर डीएम रवीश गुप्त ने रविवार को मौके का निरीक्षण किया। इस दरम्यान एसडीएम-धनघटा प्रमोद कुमार, तहसीलदार वंदना पाण्डेय, थानाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं मेंहदावल तहसील क्षेत्र के कछार में बहने वाली राप्ती नदी के जलस्तर में पिछले चार दिन में 80 सेंटी मीटर की वृद्धि हुई है। रविवार को इसका जलस्तर स्थिर रहा। वर्तमान में नदी का जलस्तर 79. 40 मीटर है जबकि खतरे का निशान 79.50 मीटर है। इस प्रकार यह नदी लाल निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे बह रही है लेकिन कटान तेज हो गई है। बहरहाल बढ़या, करमैनी, तिवारीपुर, घुरापाली गांव के निवासियों में खौफ कायम है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस