संतकबीर नगर: वहाब और मजदूर केदारनाथ की किसी से दुश्मनी नहीं थी। शुक्रवार की सुबह कबाड़ की दुकान में दोनों का शव मिलने से सभी हैरान हैं। फौरी तरह पुलिस इसे एक हादसा मान रही है। पुलिस के मुताबिक अंगीठी के कारण दम घुटने से दोनों की मौत हुई है। हालांकि आसपास रहने वाले लोगों को यह बात गले नहीं उतर रही है। डीघा बाईपास निवासी 65 वर्षीय वहाब लगभग 20 साल से अधिक समय से कबाड़ का धंधा कर रहे हैं। उनके चार बच्चे हैं। इनके साथ बेटा इमरान रहता था। जबकि दूसरा बेटा इरशाद कुछ दूरी पर हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास मोटर मैकेनिक का काम करते हैं। अपने पिता से अलग रहते हैं। एक अन्य बेटा हाईवे स्थित मनियरा में कबाड़ का काम करता है, इन्हीं के पास वहाब की पत्नी भी रहती हैं। वहीं एक अन्य बेटा सऊदी अरब में रहता है। इसके अलावा महुली थानाक्षेत्र के टुंगपार(नाहरडीह) गांव निवासी 50 वर्षीय केदारनाथ इनके यहां लगभग 20 साल से कबाड़ बिनने का काम करते चले आ रहे थे। इसी के जरिए इनका घर का खर्च चलता था। घटना के दिन दोनों के अलावा गोदाम पर कोई नहीं था। मौके पर पहुंचे एएसपी असित कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि पोस्मार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।

Posted By: Jagran

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