संत कबीर नगर में 45.50 करोड़ के कॉरिडोर ने पकड़ी रफ्तार, तामेश्वरनाथ धाम में शुरू हुआ निर्माण कार्य
संत कबीर नगर में 45.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बाबा तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

45.50 करोड़ के कॉरिडोर ने पकड़ी रफ्तार।
HighLights
45.50 करोड़ के तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण शुरू।
नाला निर्माण से जलभराव की समस्या से मिलेगी राहत।
4.30 किमी लंबा कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन को देगा बढ़ावा।
संवाद सूत्र, संत कबीर नगर। बाबा तामेश्वरनाथ धाम के कायाकल्प की बहुप्रतीक्षित परियोजना अब धरातल पर दिखाई देने लगी है। 45.50 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 4.30 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के तहत नाला निर्माण कार्य शुरू हो गया है। निर्माण कार्य शुरू होने से श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में धाम के विकास को लेकर उम्मीद बढ़ी है।
परियोजना के तहत गिरधरपुर से तामेश्वरनाथ धाम होते हुए एनएच-328 तक करीब 4.30 किलोमीटर लंबा मार्ग विकसित किया जाना प्रस्तावित है। मार्ग में सड़क के साथ जलनिकासी की व्यवस्था, पाथवे, डिवाइडर, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है।
नाला निर्माण से मिलेगी जलभराव से राहत
कॉरिडोर के तहत नाला निर्माण शुरू होने से बारिश के दौरान सड़क और आसपास जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। अभी बरसात के समय श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है। नाला निर्माण पूरा होने के बाद जलनिकासी व्यवस्था बेहतर होने की संभावना है।
4.30 किमी में बदलेगा धाम का स्वरूप
कॉरिडोर परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य तामेश्वरनाथ धाम तक श्रद्धालुओं की पहुंच को सुगम बनाने के साथ आसपास के क्षेत्र को बेहतर सुविधाओं से जोड़ना है। करीब 4.30 किमी के इस मार्ग के विकसित होने से धाम क्षेत्र में आवागमन आसान होने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लंबे इंतजार के बाद दिखने लगा काम
तामेश्वरनाथ धाम के विकास को लेकर लंबे समय से क्षेत्रवासियों की निगाहें परियोजना पर टिकी थीं। अब नाला निर्माण शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि कॉरिडोर के अन्य कर भी तेजी से आगे बढ़ेंगे।
नागेंद्र नाथ भारती विवेकानंद भारती ब्रह्म शंकर भारती विश्व प्रताप गोस्वामी शक्ति दत्त भारती आयुष गोस्वामी शशांक भारती आदि स्थानीय लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए परियोजना को निर्धारित समय में पूरा कराया जाए।
45.50 करोड रुपए की लागत और 4.30 किलोमीटर लंबाई वाली इस परियोजना का काम अब कागजों से निकलकर जमीन पर पहुंच गया है। नाला निर्माण की शुरुआत को इसी बदलाव की पहली तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।
