संतकबीर नगर : कोतवाली खलीलाबाद के ग्राम कोनी के निकट शुक्रवार की देर शाम ट्रैक्टर-ट्राली की चपेट में आकर मोटरसाइकिल सवार बेटे की मौत हो गई। जबकि मां गंभीर रूप से घायल हो गई। स्वजन इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, यहां से उन्हें मेडिकल कालेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया गया।

महुली थानाक्षेत्र के ग्राम जयराम पट्टी निवासी भारत भूषण उर्फ भरत पुत्र राम बहादुर शुक्रवार को मोटरसाइकिल से अपनी मां ज्ञानमती को बैठाकर घर से निकला। वह बस्ती के मुंडेरवा क्षेत्र के रामपुर स्थित रिश्तेदारी में गया था। देर शाम को वापस घर लौटने के दौरान वह कोनी गांव के निकट पहुंचा था तभी अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्राली ने उसके मोटरसाइकिल में पीछे से ठोकर मार दी। उसके बाद ट्रैक्टर का पहिया युवक के ऊपर चढ़ गया, जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान उसकी मां भी गंभीर रूप से घायल हो गई। लोगों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया और स्वजन को सूचना दी। घर के लोग जिला अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सक ज्ञानमती को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। महुली के थानाध्यक्ष केडी सिंह ने बताया कि घटना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र की है। कोतवाली पुलिस इसे लेकर आवश्यक कार्रवाई कर रही है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। तहरीर मिलने के बाद आरोपित ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ट्रैक्टर पुलिस के कब्जे में है लेकिन चालक अभी फरार है। रेलवे ट्रैक पर मिले शव की हुई शिनाख्त

संतकबीर नगर : कोतवाली खलीलाबाद के बरदहिया बाजार के निकट शुक्रवार को रेलवे ट्रैक पर मिले शव की शनिवार को शिनाख्त हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया। किशोर के पास मिले सुसाइड नोट के मुताबिक वह आर्थिक रूप से परेशान था।

कोतवाली प्रभारी विजय नारायण प्रसाद ने बताया कि शुक्रवार को बरदहिया बाजार के निकट रेलवे ट्रैक पर एक किशोर की ट्रेन से कटने से मौत हो गई थी। शनिवार को उसकी पहचान कोतवाली खलीलाबाद के ग्राम गोरयाभार निवासी नीरज कुमार यादव के रूप में हुई। शुक्रवार को वह खलीलाबाद कोचिग पढ़ने के लिए आया था। वह खलीलाबाद शहर के हीरालाल रामनिवास इंटर कालेज में 11वीं का छात्र था। देर शाम जब वह घर नहीं पहुंचा तो स्वजन खोजबीन शुरू किए। शनिवार को पता चला कि एक किशोर का शव रेलवे ट्रैक पर मिला है। स्वजन शव को देखकर दंग रह गए। पुलिस ने बताया कि छात्र के पास मौजूद सुसाइड नोट में मौत का कारण आर्थिक तंगी थी।

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