संतकबीर नगर : मगहर महोत्सव का दूसरा दिन जवाबी कव्वाली के नाम रहा। रविवार देर रात तक चली कव्वाली ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। अंजुम वारसी, लखनऊ एंड पार्टी और फहीम वारसी, दिल्ली एंड पार्टी के बीच हुआ मुकाबला बराबरी पर छूटा। यह कार्यक्रम नगर पंचायत, मगहर द्वारा प्रायोजित किया गया था।

कव्वाली की शुरुआत कव्वाल फहीम वारसी ने हम्दपाक अल्लाहू अल्लाह, अल्लाहू अल्लाह से किया। इसके अलावा सूरज को निकलने में कुछ देर नहीं लगती, दौलत को फिसलने में कुछ देर नहीं लगती। ऐ मेरे अल्लाह- ऐ मेरे मौला तू ही सबका खालिक, त ही सबका मालिक है सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी। और सूफी कलाम अल्लाह मेरे मौला, अल्लाह मेरे मौला। अल्लाह तेरी शान निराली है। इसके बाद उन्होंने भर दो झोली मेरी या मुहम्मद, लौटकर मैं न जाऊंगा खाली सुनाया तो श्रोता झूम उठे। जवाब में लखनऊ से आई कव्वाल अंजुम वारसी ने देश प्रेम पर आधारित गीत हर बात में है ये सच्चाई-मेरे भारत जैसा कोई देश नहीं प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। जिसके बाद दुनिया के रंज व गम से घबराएंगे न हम, तूफान से लड़ेंगे हम, ये है नबी का करम। कौन कहता है कि हम नहीं पीते, अल्लाह की कसम पांच बोतल से कम नहीं पीते। इससे पहले चेयरमैन संगीता वर्मा व अधिशाषी अधिकारी ज्योतिमा वर्मा ने दोनों कलाकारों को शाल व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। संचालन रेडियो कलाकार अनीता सहगल ने किया। भाजपा नेता राजेश उर्फ गुड्डू वर्मा, त्रिलोकीनाथ वर्मा, नूरुज्जमा अंसारी, जिया अंसारी आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran