संतकबीर नगर: साथा विकास खंड के ग्राम पंचायत जमया ताल के राजस्व गाव कटहा में गरीबों को इस कपकपाती ठंड में छप्पर में रात गुजारनी पड़ रही है। गाव में 15 गरीब परिवार टूटी-फूटी झोपड़ी में पन्नी तानकर रहने को मजबूर हैं। इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का अभी तक लाभ नहीं मिला है। भीषण ठंड में ओस की बूंदे छप्पर से टपकती है तो इनको रात बिताना मुश्किल होता है। कहने के लिए तो साथा विकास खंड में प्रतिवर्ष सैकड़ों प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए जाते हैं। लेकिन गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलता है। यह योजना के क्त्रियान्वयन पर बड़ा सवाल है। कटहा गाव की रहने वाली शकुंतला के पास एक झोपड़ी है। चारों तरफ से इसका दरवाजा बंद रहता है। भीषण ठंड में पाच परिवार इसी झोपड़ी में रात गुजारते हैं। शकुंतला का कहना है कि कई बार आवास के लिए आवेदन किया, लेकिन अभी केवल आश्वासन ही मिल सका है। मजदूरी करके जैसे तैसे पेट भरा जा रहा है। ग्रामीण मेवाती पत्‍‌नी सरजू का कहना है कि कच्ची दीवार पर छप्पर तानकर गुजर बसर हो रहा है। पहले बारिश ने परेशान किया अब ठंड रुला रही है। अमीरों के सिर पर प्रधानमंत्री आवास का ताज पहना दिया जाता है। लेकिन गरीब इस योजना से वंचित है। ग्राम प्रधान से लेकर ब्लाक के हुक्मरानों से आवाज लगाई गई लेकिन कोरा आश्वासन ही मिला है। जाड़े की रात बड़ी परेशानी से गुजर रही है। सावित्री पत्‍‌नी बैजनाथ का कहना है कि इस ठंड में छप्पर का मकान दुख दे रहा है। चारों तरफ से मकान खुला रहता है। तेज हवा चलती है तो हवा की सरसराहट जीने नहीं देती। ऊपर से ओस की बूंदे गलन बढ़ाती है। मजदूरी करके गुजर बसर हो रहा है। निजी आवास बनाने के बारे में सोच भी नहीं सकते। योजना के बारे में सुना तो दिल में आस जगी कि हमें भी पक्का मकान नसीब होगा। लेकिन अभी तक आवास योजना का लाभ हमें नहीं मिला है। जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथा ब्लाक के खंड विकास अधिकारी रामानंद वर्मा ने कहा कि अभी मैं ब्लाक में नया आया हूं। जिन गरीबों को प्रधानमंत्री आवास नहीं आवंटित किया गया है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास आवंटित किए जाएंगे। लक्ष्य के आधार पर गरीबों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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