संतकबीर नगर: बारिश की एक बूंद पानी को बचाने के लिए गैर सरकारी प्रतिष्ठान महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। रूफ रेन हार्वेस्टिग सिस्टम लगाकर वह बारिश के पानी को बर्बाद होने से बचा सकते हैं। जानकारों ने कहा कि भूगर्भ जल का स्तर गिरता जा रहा है। इससे पानी का संकट उत्पन्न हो सकता है। भविष्य में पानी की समस्या न आएं, इसके लिए बारिश की एक बूंद पानी को बचाने के लिए सभी को आगे आना होगा। 50-60 हजार रुपये में रूफ रेन हार्वेस्टिग सिस्टम

एक मीटर लंबा, एक मीटर चौड़ा, एक मीटर ऊंचा यानी एक घन मीटर क्षेत्रफल में एक हजार लीटर बारिश का पानी बचा सकेंगे। छत पर अथवा अन्य जगह दस मीटर चौड़ा और दस मीटर लंबा क्षेत्रफल में स्थापित किया जा सकता है। रूफ रेन हार्वेस्टिग सिस्टम पर 50 से 60 हजार रुपये खर्च होंगे। गांववासियों को इस पर सार्थक पहल करनी चाहिए। शहर के लोग भी आगे आएं। इसके लिए वृहद जन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। यह सभी को पता है कि बिना पानी के खेती-किसानी नहीं हो सकती है। मानव, पशु, जलचर प्राणी बिना पानी के जीवित नहीं रह सकते। इसके बाद भी पानी की बर्बादी क्यों..? इसके संरक्षण के लिए सभी को योगदान देना होगा।

डा. विनोद बहादुर सिंह- कृषि वैज्ञानिक

कृषि विज्ञान केंद्र-बगही, संतकबीर नगर। वर्षा जल का संरक्षण अति आवश्यक है। इसके लिए हमें पुरातन विधियां अपनानी होगी। जल संरक्षण के लिए जो उपाय सुझाए गए हैं, उस पर अमल करना होगा। पानी का दोहन अधिक हो रहा है। इसकी अधिक बर्बादी भी हो रही। इससे भूगर्भ जल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने की जरूरत है। बारिश के पानी को बचाने के लिए रूफ रेन वाटर हार्वेस्टिग की व्यवस्था प्रत्येक संस्था, स्कूल, कालेज, सरकारी व गैर सरकारी प्रतिष्ठानों में इसे लगाना चाहिए। इसके लिए जनपद के सभी लोगों को आगे आना होगा। इस सिस्टम को देर से नहीं बल्कि अतिशीघ्र लगाना होगा।

डा. अमर सिंह गौतम, असिस्टेंट प्रोफेसर-भूगोल विभाग

एचआरपीजी कालेज-खलीलाबाद

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