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संत कबीर नगर में एमसीएच विंग में शिफ्ट होगा एसएनसीयू, आग की घटनाओं के बाद लिया गया निर्णय

Published: Sat, 12 Sep 2026 03:59 PM (GMT+05:30)

संत कबीर नगर के जिला संयुक्त चिकित्सालय में संचालित एसएनसीयू को जगह की कमी और दो बार आग लगने की ...और पढ़ें

एमसीएच विंग में शिफ्ट होगा एसएनसीयू।

एमसीएच विंग में शिफ्ट होगा एसएनसीयू।

HighLights

  1. एसएनसीयू को एमसीएच विंग के द्वितीय तल पर शिफ्ट किया जाएगा।

  2. जगह की कमी और दो बार आग लगने के कारण यह निर्णय लिया गया।

  3. एमसीएच विंग में एसएनसीयू और पीआईसीयू सुविधा एक साथ मिलेगी।

जागरण संवाददाता, संत कबीर नगर। जिला संयुक्त चिकित्सालय में संचालित सिक न्यूबार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) को अब 100 बेड के एमसीएच विंग के द्वितीय तल पर शिफ्ट किया जाएगा। वर्तमान एसएनसीयू में जगह की कमी और दो बार आग लगने की घटनाओं को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।

सीएमएस डॉ. रमाशंकर सिंह ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद एसएनसीयू को नए वार्ड में स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

वर्तमान में एसएनसीयू वार्ड जिला अस्पताल परिसर में संचालित है। यहां जगह कम होने के कारण रोगियों व तीमारदारों की आवाजाही में भी परेशानी होती है।आपात स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।आग की घटनाओं के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

आग से बचाव के लिए नही है बेहतर प्रवंध

वर्तमान एसएनसीयू में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले भी इंतजाम किए गए थे। तत्कालीन सीएमएस डा. भवनाथ पांडेय के निर्देश पर अलग गेट बनवाया गया था, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। आग से बचाव के लिए अन्य व्यवस्थाएं भी की गई थीं। इसके बावजूद दो बार आग की घटना होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने एसएनसीयू वार्ड को शिफ़्ट करेगा।

एक ही विंग में एसएनसीयू और पीआईसीयू की सुविधा

एमसीएच विंग में नवजात और गंभीर रूप से बीमार बच्चों के उपचार की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।यहां एसएनसीयू और पीआईसीयू वार्ड अगल-बगल बनाए गए हैं।पीआईसीयू में 10 बेड और 10 वेंटिलेटर की सुविधा है।गंभीर रूप से बीमार बच्चों को यहां भर्ती कर उपचार किया जाता है।

एसएनसीयू में 18 बेड और वार्मर मशीनों की सुविधा उपलब्ध है। प्रसव के तुरंत बाद जिन नवजातों को विशेष निगरानी और उपचार की जरूरत होती है,उन्हें इस वार्ड में भर्ती किया जाता है।

सीएमएस डॉ. रमाशंकर सिंह ने कहा कि एमसीएचविंग में एसएनसीयू वार्ड को शिफ्ट करने के निर्देश दिये गए है । जल्द ही नये भवन मे नवजात बच्चों का उपचार किया जायेगा।

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