संतकबीर नगर में जीजा-साली के प्रेम का दर्दनाक अंत, ट्रेन की पटरी पर टूट गई जीवन की डोर
संतकबीरनगर में जीजा-साली के प्रेम का दुखद अंत हुआ, परिवार की असहमति के बाद दोनों रेलवे ट्रैक पर मृत मिले। ...और पढ़ें

पोस्टमार्टम हाऊस के बाहर गमगीन मृतकों के स्वजन व ग्रामीण। जागरण
HighLights
जीजा-साली के प्रेम कहानी का संतकबीरनगर में दुखद अंत।
परिवार की असहमति के कारण शादी नहीं हो पाई।
दोनों रेलवे ट्रैक पर मृत पाए गए, प्रेम अधूरा रहा।
उज्ज्वल तिवारी, संतकबीर नगर। जीजा-साली की हंसी-ठिठोली कब प्यार में बदल गई, किसी को पता नहीं चला। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं और शादी के सपने संजो लिए। लेकिन परिवारों की असहमति ने उनके रिश्ते के बीच दीवार खड़ी कर दी। इसी बीच शुक्रवार की देर रात सरैया रेलवे क्रासिंग के पास हुई घटना के बाद दोनों परिवारों की खुशियों पर ग्रहण लग गया।
स्वजन और ग्रामीणों के अनुसार गोरखपुर के अर्जुन और संतकबीरनगर की लक्ष्मीना पिछले करीब दो वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार तत्काल इसके लिए तैयार नहीं था। शुक्रवार की दोपहर दोनों घर से निकले और देर रात रेलवे ट्रैक के पास गंभीर रूप से घायल मिले। पुलिस उन्हें जिला अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के चौमुखा लिलहवा टोला निवासी 20 वर्षीय अर्जुन पांच भाइयों में सबसे छोटा था। वह कैंपियरगंज कस्बे में मोटर मैकेनिक का काम करता था। वर्ष 2021 में उसके बड़े भाई मोतीलाल की शादी संतकबीरनगर के बखिरा थाना क्षेत्र के चिरैयाडाड़ गांव निवासी सीमा से हुई थी। सीमा की छोटी बहन 14 वर्षीय लक्ष्मीना थी। भाई की शादी के बाद अर्जुन का ससुराल आना-जाना बढ़ा। इसी दौरान लक्ष्मीना से मेलजोल बढ़ा और फिर रिश्ता प्रेम में बदल गया। दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया था।
मृतक के भाई मोतीलाल के अनुसार, करीब छह माह पहले लक्ष्मीना के पिता खरभान ने बेटी के विवाह के लिए रिश्ते तलाशने शुरू किए। इसकी जानकारी मिलने पर भाई अर्जुन ने अपने परिवार और लक्ष्मीना के परिजनों के सामने शादी की इच्छा जताई। वह चाहता था कि पहले अर्जुन से बड़े दो भाइयों की शादी हो जाए, फिर दो-तीन वर्ष में उसकी शादी कराई जाए। एक माह पहले उसने अर्जुन और लक्ष्मीना को इसक लिए समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन दोनों अपने फैसले पर अडिग थे।
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स्वजन के अनुसार, शुक्रवार की दोपहर अर्जुन घर से दुकान जाने की बात कहकर निकला और बखिरा पहुंच गया। लक्ष्मीना को अपने साथ लेकर खलीलाबाद की ओर चला गया। शाम तक दोनों घर नहीं लौटे तो मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
रात करीब साढ़े नौ बजे दोबारा काल करने पर फोन एक एंबुलेंस कर्मी ने उठाया। उसने बताया कि दोनों रेलवे ट्रैक के पास गंभीर रूप से घायल मिले हैं और उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया है। सूचना मिलते ही दोनों परिवार अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
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