संतकबीरनगर में 200 एकड़ में होगा इंडस्ट्रियल एरिया का विस्तार, नोटिस के बाद नए निवेशक मिलेगा 137 प्लांट
संतकबीरनगर में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खलीलाबाद के पास मगहर में 200 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।

यह फोटो एआई टूल की मदद बनाई गई है।
HighLights
मगहर के पास 200 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार।
बंद पड़ी 137 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी करने की तैयारी।
नए निवेशकों को भूखंड उपलब्ध कराकर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा।
जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। जिले में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने और नए निवेशकों को भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में कवायद तेज हो गई है। खलीलाबाद स्थित यूपीसीडा के औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए मगहर के पास करीब 200 एकड़ भूमि चिह्नित की जाएगी।
इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। भूमि उपलब्ध होने के बाद यहां औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मचंद्र ने शनिवार को जिलाधिकारी अनुज मलिक से मुलाकात की। इस दौरान जिले में यूपीसीडा के औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति, संचालित इकाइयों और लंबे समय से बंद पड़ी इकाइयों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली गई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध भूमि और नए निवेश के लिए प्लाट उपलब्ध कराने को लेकर भी चर्चा हुई।
बंद 137 इकाइयों को नोटिस की तैयारी
खलीलाबाद के औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़ी 137 इकाइयों को नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है। इन इकाइयों की स्थिति की समीक्षा के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उद्देश्य यह है कि जिन प्लाटों पर लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियां संचालित नहीं हो रही हैं, उन्हें नियमानुसार वापस लेकर नए निवेशकों को उपलब्ध कराया जा सके।
यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक ने जिलाधिकारी को प्लाट वापसी की नई नीति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत बीमार अथवा बंद इकाइयों के प्लाट की पुनर्खरीद (बाई बैक) की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इससे लंबे समय से निष्क्रिय पड़े प्लाटों के पुन: उपयोग का रास्ता खुल सकेगा।
नए निवेशकों को मिलेंगे प्लाट
बैठक में बताया गया कि बाई बैक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 90 प्रतिशत धनराशि देकर वापस लिए गए प्लाटों को नए निवेशकों को आवंटित किया जा सकेगा। इससे औद्योगिक क्षेत्र में खाली अथवा निष्क्रिय भूमि का उपयोग बढ़ेगा और नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध हो सकेगी। इससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार की संभावनाओं को भी गति मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी ने इस संबंध में अलग से बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं। संभावना है कि एक अक्टूबर को इसको लेकर बैठक हो सकती है। बैठक में चिह्नित बीमार और बंद इकाइयों के प्लाट के बाई बैक, नोटिस जारी करने तथा आगे की कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी। साथ ही नए निवेशकों को प्लाट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।
भीटी रावत से मगहर तक विस्तार की तैयारी
औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए मगहर क्षेत्र को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गोरखपुर की सीमा से सटे भीटी रावत तक इस क्षेत्र में करीब 200 एकड़ भूमि चिह्नित किए जाने की योजना है।
अधिकारियों को भूमि की उपलब्धता, स्थिति और औद्योगिक उपयोग के लिहाज से उसकी उपयुक्तता की जानकारी जुटाने को कहा गया है। भूमि चिह्नित होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार से संबंधित प्रस्ताव और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि एक ओर जहां बंद इकाइयों के प्लाट बाई बैक के बाद नए निवेशकों को उपलब्ध कराने से मौजूदा औद्योगिक क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ेंगी, वहीं दूसरी ओर मगहर के पास नए क्षेत्र के विस्तार से भविष्य में निवेश के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध हो सकेगी।
