धनघटा विधायक के फर्जी लेटरपैड से सचिवालय नौकरी का झांसा, 13.35 लाख की ठगी; गोरखपुर में दर्ज हुआ मामला
सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर धनघटा विधायक के प्रतिनिधि समेत दो पर 13.35 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है।

HighLights
सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 13.35 लाख की ठगी।
धनघटा विधायक के प्रतिनिधि समेत दो पर गोरखपुर में केस।
फर्जी लेटरपैड का इस्तेमाल, विधायक ने इसे साजिश बताया।
जागरण संवाददाता, संतकबीरनगर। सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 13 लाख 35 हजार रुपये की ठगी करने के आरोप में धनघटा क्षेत्र के रामपुर दक्षिणी गांव निवासी विधायक धनघटा गणेशचंद चौहान के कथित रमाकांत निषाद और उसी के गांव के सुरेंद्र यादव पुत्र घोल्लर यादव के विरुद्ध शुक्रवार को गोरखपुर के तिवारीपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के आदेश पर हुई कार्रवाई के बाद यह मामला संतकबीरनगर जिले में चर्चा में है। गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र के मंझरिया गांव निवासी धनंजय यादव पुत्र बाबूराम यादव ने एसएसपी गोरखपुर को दी गई तहरीर में में आरोप लगाया कि रमाकांत निषाद और सुरेंद्र यादव ने मिलकर उसे सचिवालय में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
नौकरी के नाम पर दोनों ने उससे पांच बार में कुल 13 लाख 35 हजार रुपये ले लिए। पीड़ित के मुताबिक रकम देने के बाद जब उसने नौकरी लगवाने के बारे में जानकारी मांगी तो वे आनाकानी करने लगे। पैसे वापस करने को कहा तो आरोपितों ने उसे भरोसा दिलाया कि विधायक समेत कई अधिकारी काम में लगे हैं और जल्द ही नौकरी मिल जाएगी।
आरोप है कि इसके बाद भी न नौकरी लगी और न ही रकम वापस की गई। तहरीर के आधार पर तिवारीपुर पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज जांच शुरू कर दी है।
ठगी में सामने आया विधायक का फर्जी लेटरपैड
पीड़ित धनंजय यादव ने आरोप लगाया कि दोनों आरोपितों ने विधायक धनघटा के नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार कराया। इस पर मनगढ़ंत पत्र लिखकर उससे रुपये की मांग की गई। विधायक के हस्ताक्षर के बिना तैयार किए गए इन पत्रों को दिखाकर आरोपितों ने उसे नौकरी का भरोसा दिलाया। उनके झांसे में आकर उसने नकदी दे दी।
पीड़ित का दावा है कि उसके पास विधायक के फर्जी लेटरपैड पर लिखे तीन कथित पत्र और मोबाइल रिकार्डिंग भी मौजूद हैं। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर दोनों उसे धमकी देते थे कि उनकी पहुंच के चलते शिकायत करने पर भी मामला दबवा दिया जाएगा।
मेरा फर्जी पत्र तैयार कर यह धोखाधड़ी की गई है। ठगी का खेल रचने वाला मुख्य आरोपित मेरे प्रतिनिधि रमाकांत निषाद के गांव का ही है। प्रतिनिधि को फंसाने और मेरी छवि खराब करने की यह बड़ी साजिश है। गोरखपुर के एसएसपी को फोन कर हमने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
-गणेशचंद चौहान, विधायक धनघटा
