संतकबीर नगर: पीडी डीआरडीए प्रमोद कुमार यादव की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में शुक्रवार को बैठक हुई। नौ बीसी (बैंक कारेसपांडेंट्स) सखी के कार्यों की प्रगति देखी। उन्हें अधिकाधिक लेन-देन करने के लिए प्रेरित किया। बिजली बिल का पैसा जमा कराने के लिए समूह की महिलाओं को एजेंट बनाने के निर्देश दिए। इन्हें मनरेगा में बतौर मेट के रूप में रखने पर जोर दिया।

पीडी ने समीक्षा करने पर पाया कि पूर्व में इस जनपद में 763 बीसी सखी का चयन हुआ था। इसके सापेक्ष 144 बीसी सखी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। इसमें से नौ बीसी सखी कार्य कर रही हैं। इन्हें अधिकाधिक लेन-देन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं,अन्य बीसी सखी को भी इसी प्रकार कार्य करने के लिए कहा। बिजली बिल का पैसा जमा करवाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूह को एजेंट बनाने के निर्देश दिए। इससे महिलाओं को कमीशन के रूप में अच्छी आय प्राप्त होगी। ग्राम पंचायतों में बने सामुदायिक शौचालय की देख-रेख के लिए समूह की महिलाओं हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। मनरेगा में समूह की महिलाओं को मेट के रुप में रखने के लिए कहा। इस बैठक में जिला मिशन प्रबंधक श्रीमती महजबीन खान व मनोज कुमार, एडीओ आइएसबी अशोक कुमार गुप्ता, संतराम चौधरी, मार्कण्डेय पाण्डेय, जय प्रकाश, अशोक यादव आदि मौजूद रहे। महिला चौकी के सामने भीड़ देख नाराज हुए सीओ

संतकबीर नगर: सीओ अंबरीश भदौरिया शुक्रवार को धनघटा थाने पर पहुंचे। थाने पर स्थित महिला रिपोर्टिंग चौकी के पास भीड़ देखकर वह नाराज हो गए।

उन्होंने चौकी प्रभारी गौरी शुक्ला से कहा कि कोरोना संकट काल में मछली बाजार की तरह भीड़ लगाना खतरनाक साबित हो सकता है।

सीओ ने चौकी प्रभारी को समझाया कि वह फरियादियों की समस्या सुनकर उन्हें तुरंत घर भेजें न कि यहां पर बैठाए रहें। इससे बेवजह भीड़ नहीं रहेगी। यदि उन्हें दोबारा चौकी पर भीड़ दिखी तो वह सख्त कार्रवाई करने को विवश होंगे। सीओ के सख्त तेवर को देखकर थाना व चौकी के पुलिस कर्मियों में भय बना रहा।

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