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कागज बनवाने में खर्च हुए 300, मुआवजा बना सिर्फ 131 रुपए; खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन के लिए जमीन देने वाले किसान परेशान

Published: Wed, 09 Sep 2026 01:10 PM (IST)

खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण में मेंहदावल तहसील के 65 किसानों ने कम मुआवजे के कारण चार माह से भुगतान नहीं लिया है।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. मेंहदावल के 65 किसानों ने कम मुआवजा लेने से मना किया।

  2. 131 रुपये के मुआवजे के लिए कागजी खर्च अधिक बताया।

  3. प्रशासन किसानों को मुआवजा लेने के लिए जागरूक कर रहा है।

अतुल मिश्र, संतकंबीरनगर। खलीलाबाद-बहराइच 240 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा वितरण भी जारी है, लेकिन मेंहदावल तहसील क्षेत्र में 65 किसान ऐसे हैं, जो चार माह से मुआवजा लेने ही नहीं पहुंचे। इसकी वजह मुआवजे की बेहद कम रकम है।

किसानों का कहना है कि 131 रुपये का मुआवजा लेने के लिए शपथ पत्र समेत अन्य कागजात तैयार कराने में ही करीब 300 रुपये खर्च हो जाएंगे। ऐसे में इससे अच्छा है कि मुआवजे पर दावा ही न किया जाए। प्रशासन के अनुसार, इन किसानों की अधिग्रहित भूमि इतनी कम है कि किसी के हिस्से में 131 रुपये तो किसी के हिस्से में करीब 1900 रुपये का मुआवजा बन रहा है।

जिले में रेल लाइन के लिए करीब 35 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जाना है। इसके लिए खलीलाबाद के 31 और मेंहदावल के 25 गांवों की भूमि अधिग्रहित की गई है। प्रशासन अब तक 5089 किसानों के खातों में करीब 350 करोड़ रुपये मुआवजा भेज चुका है। हालांकि, 65 किसानों के हिस्से में बेहद कम रकम आने के कारण उन्होंने मुआवजा लेने में रुचि नहीं दिखाई है।

गाटा संख्या 222 की अजब कहानी

मेंहदावल तहसील के कुसौना खुर्द स्थित गाटा संख्या 222 का मामला सबसे दिलचस्प है। इस गाटे में महज 0.0026 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ है, लेकिन इसके 28 हिस्सेदार हैं। इनमें आसमा खातून, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद असजद, रशीद और मोहम्मद हामिद समेत नौ हिस्सेदारों के हिस्से में महज 131-131 रुपये मुआवजा बन रहा है।

वहीं इसी गाटे के 10 अन्य हिस्सेदारों के हिस्से में करीब 19 रुपये मुआवजा आ रहा है। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया काफी समय से चल रही है, लेकिन इन किसानों ने मुआवजा प्राप्त करने के लिए फार्म सीसी तक जमा नहीं किया है। प्रशासन भी किसानों की समस्या को समझ रहा है और राजस्व टीम के माध्यम से उन्हें प्रक्रिया पूरी करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

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पांच स्टेशन बनने से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन से पूर्वांचल के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। जिले में पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं। बखिरा में हाल्ट स्टेशन के अलावा खलीलाबाद क्षेत्र के झीनखाल और गौरा गांव तथा मेंहदावल क्षेत्र के अतरी और गोइठहा में स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं।

रेल लाइन का काम तेजी से चल रहा है। जिन किसानों की नाममात्र भूमि अधिग्रहित हुई है, उनका मुआवजा 131 रुपये से दो हजार रुपये के बीच है। शपथ पत्र आदि तैयार कराने का खर्च मुआवजे से अधिक होने के कारण कुछ किसान फार्म सीसी नहीं दे रहे हैं। राजस्व टीम किसानों को जागरूक कर रही है, ताकि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

                                                                 अल्पिका वर्मा, तहसीलदार, मेंहदावल