खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन की धीमी गति पर शासन गंभीर, 20 जुलाई को होगी समीक्षा बैठक
शासन खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन के धीमे काम पर सख्त हो गया है, जिसके लिए 20 जुलाई 2026 को प्रमुख ...और पढ़ें

प्रमुख सचिव-शासन धीमी गति से काम होने का कारण रेलवे के कार्यदायी संस्था से पूछेंगे। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
नई रेल लाइन के धीमे काम पर शासन सख्त।
प्रमुख सचिव 20 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे।
मुआवजे और निर्माण कार्यों की होगी गहन समीक्षा।
दिलीप पाण्डेय, संतकबीर नगर। शासन निर्माणाधीन खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन की धीमी प्रगति पर सख्त हो गया है। प्रमुख सचिव-लखनऊ इस संबंध में 20 जुलाई 2026 को सुबह ग्यारह बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग(वीसी)करेंगे। कलेक्ट्रेट के एनआइसी में डीएम,एडीएम वित्त एवं राजस्व के अलावा खलीलाबाद व मेंहदावल दो तहसील क्षेत्र में काम कर रही दो कार्यदायी संस्थाओं के प्रोजेक्ट मैनेजर भी इससे जुड़ेंगे।
वहीं पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारी अपने गोरखपुर स्थित कार्यालय से जुड़ेंगे। इसमें अब तक दिया गया मुआवजा वहीं मुआवजा न पाने वाले किसान,मिट्टी पटाई-समतलीकरण,अंडरपास सहित अन्य कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
इस जिले में अब तक 97 प्रतिशत प्रभावित किसानों में मुआवजे का भुगतान हो चुका है। वहीं बाजार दर के हिसाब से मुआवजा पाने के लिए कोर्ट में वाद दायर करने वाले,गैर प्रांत अथवा विदेश में रहने वाले शेष तीन प्रतिशत किसानों को मुआवजा नहीं दिया जा सका है।
मुआवजा देने की स्थित ठीक है। यह नई रेल लाइन 240 किमी लंबी है। इस जिले में 35 किमी दूरी तक रेल की पटरी बिछाई जानी है। इसके लिए खलीलाबाद के 31 व मेंहदावल के 25 यानी दोनों तहसील के कुल 56 गांव चिह्नित हैं। लगभग छह हजार किसानों की भूमि अधिग्रहित की गयी है। 5,089 प्रभावित किसानों को लगभग 365 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जा चुका है।
खलीलाबाद तहसील क्षेत्र में यह कार्य क्षत्तीसगढ़ के रायपुर की कार्यदायी संस्था जेपीडब्ल्यू इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। जबकि मेंहदावल तहसील क्षेत्र में कार्यदायी संस्था डीपीएस प्राइवेट लिमिटेड-रायबरेली काम कर रही है। खलीलाबाद तहसील क्षेत्र में वर्तमान में सुगर मिल व हाईवे के सरैया के पास एक-एक कुल दो बैलेसिंग कल्वर्ट(जल निकासी के लिए पुलिया)का काम चल रहा है।
वहीं मलोरना में एक, चांदीडीहा में दो,बारीगांव में एक,खुरजहना में एक,देवापार में एक कुल छह अंडरपास बन गए हैं। चांदीडीहा गांव के पास एक अंडरपास निर्माणाधीन है,यह करीब एक माह में तैयार हो जाएगा। रेल की पटरी बिछाने के लिए सुगर मिल से चांदीडीहा गांव तक तीन किमी व चांदीडीहा गांव से बघौली तक मिट्टी पटाई कार्य होना है। मौसम खराब होने के कारण एवं खनन विभाग की अनुमति न मिलने से मिट्टी की खोदाई,पटाई,समतलीकरण काम ठप है।
7,378 हेक्टेयर भूमि और अधिग्रहित करेंगे
इस नई रेल लाइन के लिए मेंहदावल में 2.971 हेक्टेयर व खलीलाबाद में 4.407 हेक्टेयर इन दो तहसील क्षेत्र में कुल 7.378 हेक्टेयर और भूमि अधिग्रहित करने की कार्यवाही चल रही है। दोनों तहसील के एसडीएम,तहसीलदार,राजस्व निरीक्षक,लेखपाल संबंधित किसानों से खसरा,खतौनी,बैंक पासबुक सहित अन्य कागजात प्राप्त करने में लगे हुए हैं। दोनों तहसीलों से रिपोर्ट आने पर प्रभावित किसानों की संख्या व उनके भूमि के क्षेत्रफल आदि का ब्योरा मिलेगा।
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इसके बाद 20-ई का गजट प्रकाशित होना है। मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। इसके पूर्व इन दोनों तहसील में 148 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है।
एनएचएआइ अधिग्रहित भूमि पर बनाएगी सड़क
नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया(एनएचएआइ)सरैया बाईपास के पास अधिग्रहित भूमि पर सड़क बनाएगी। गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओवरब्रिज निर्माण में आने वाले समस्याओं के निराकरण के लिए खलीलाबाद तहसील के अधिकारी एनएचएआइ के साथ काम कर रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने इन अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर यह कार्य जल्द प्रारंभ करने के लिए कहा है।
