संतकबीर नगर : महोत्सव के तीसरे दिन सोमवार को संतकबीर संगीत महाविद्यालय के गायकों द्वारा निर्गुण, गीत, भजन मनमोहक अंदाज में पेश किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रियंका शर्मा द्वारा गाए निर्गुण गीत से हुआ। जिसके बोल थे जेके राम न बिगड़िहैं ओके लोग का बिगाड़ी। इसके बाद अर¨वद गौड़ ने मगहर के मेला में गाया। सौरभ वर्मा ने कव्वाली भला किसी का न करो, तो बुरा न करों को दिलकश अंदाज में गाया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अवंतिका मिश्रा ने पटना से वैदा बोलाईदा। साक्षी भाष्कर ने रेलिया बैरन, पिया को लिये जाए रे को मधुर आवाज में सुनाया तो श्रोता झूमने लगे। रोशनी ¨सह ने माटी के बनल सरीरिया। सुनील यादव ने'दिल लेके जा रहे हैं'विवेक उपाध्याय'भवरवा के तोहरा संग जाई'कृतिका शर्मा'अमृत के धर केहू केतनो'महेश वर्मा'दुनिया में देव हजारों'अनुराधा वर्मा ने'राम तेरी गंगा मैली'को सुना करके पंडाल में मौजूद लोगों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराया। तबला पर अभय शुक्ला, नाल पर दिलीप कुमार, आर्गन पर अजीत कुमार, पैड पर अनस ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। आयोजन की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य ओमप्रकाश त्रिपाठी ने निभाई।

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हमके मगहर मेला घुमा द पिया

मगहर : रविवार देर शाम शकुनी शुक्ला एंड पार्टी द्वारा समसामयिक गीत व निर्गुण प्रस्तुत किया गया। अश्विन शुक्ला ने भक्ति गीत के बोल Þकोई कहियो रे प्रभु से आवन कोÞ से की। इसके बाद कबीर का निर्गुण Þसाधो मत बांधो गठरिया अपजस कीÞ को सुना कर पूरे पंडाल को कबीरमय बना दिया। सुशील उपाध्याय ने हमके मगहर मेला घुमा द पिया और दूसरा निर्गुण गीत झुलनी का रंग सांचा हमार पिया सुना कर लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया। सीडीओ हाकिम ¨सह, अवधेश ¨सह, रवि प्रकाश पाण्डेय, गुड्डू वर्मा, टीएन वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।

Posted By: Jagran