संतकबीर नगर: मगहर महोत्सव में बुधवार की रात अंतरराष्ट्रीय लोकगीत गायक सुरेश कुशवाहा एंड पार्टी और जिया द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। नायब तहसीलदार वीरेंद्र पांडेय ने कलाकारों को अंगवस्त्र देकर कार्यक्रम का आरंभ करवाया।

सुरेश कुशवाहा ने देवी गीत मैया मोरी कौन फुलवा सोहे,कि देवी मैया अढ़उल क फुलवा सोहे गीत गाकर प्रस्तुतियों का आरंभ किया। जगदंबा घर में बार अइलीं रे जगदंबा घर में भक्ति गीत गाकर उन्होंने माहौल को भक्तिमय कर दिया। देश प्रेम गीत माथे की बिदिया हमारे देश के निशनवा की प्रस्तुति पर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये।इ बगिया में भंवरा बिहार मांगेला,अंगनयिया में नेबुआ अनार मांगेला सुनकर उन्होंने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। दहेज प्रथा पर प्रहार करते हुये दूल्हे के मुंह देखा जैसे फैजाबादी बंडा, दहेज में माई-बाप मांगे हीरो होंडा सुनाया। गोरिया चांद के अंजोरिया नियर गोर बाड़ू हो,तुहार जोड़ केहू नईखे तू बेजोड़ बाड़ू हो, सुनाकर युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर सीओ आनंद कुमार पांडेय,नोडल अधिकारी वेदप्रकाश चौबे, बद्रीप्रसाद श्रीवास्तव,शिवजी,डा. हरिशरण शास्त्री,अवधेश सिंह,नूरुज्जमा अंसारी,त्रिलोकीनाथ वर्मा,गुड्डू वर्मा,जिया अंसारी,सिबतैन मुस्तफा,मेंहदी हसन,सन्तोष साहनी,अहमद खान,योगेश चौधरी,विजय यादव,एडवोकेट सुधीर श्रीवास्तव,संजय कुमार,जितेंद्र गुप्ता,मोनू वर्मा,राहुल कन्नौजिया समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

जिया ने बिखेरा जलवा

मशहूर लोग गीत गायिका जिया ने अपनी गीत पटना से बैदा बुलाइदा नजरा गईली गुईयां सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इसके बाद अंगुली में डंसले बिया नागिनिया रे, हे ननदी पिया के बुलाइदा सुनाकर लोगों की खूब तालियां बटोरीं। युगल गीत सोने की नथुनिया। ए झुंझुंवा के पापा । गजल दर्द में गावल न जाला जैसे गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को खूब रिझाया।

Posted By: Jagran

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