विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए पांच गांवों में 90 की जगह 140 मीटर ली जाएगी जमीन, कौवाठोर में बनेगा इंटरचेंज

Published: Sat, 19 Sep 2026 06:39 PM (IST)

गोरखपुर-शामली-पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए मेंहदावल तहसील के पांच गांवों में भूमि की चौड़ाई 90 मीटर से बढ़ाकर 140 मीटर की जाएगी।

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए पांच गांवों में 90 की जगह 140 मीटर ली जाएगी जमीन।

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के लिए पांच गांवों में 90 की जगह 140 मीटर ली जाएगी जमीन।

HighLights

  1. मेंहदावल के पांच गांवों में भूमि की चौड़ाई 140 मीटर होगी।

  2. कौवाठोर में गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज बनेगा।

  3. अतिरिक्त भूमि इंटरचेंज, टोल प्लाजा और सुविधाओं के लिए है।

अतुल मिश्र, मेंहदावल। गोरखपुर शामली पानीपत एक्सप्रेसवे को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की 3ए अधिसूचना के तहत तहसील के 26 गांवों में 202.084 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित होनी है। इसी बीच मेंहदावल के पांच गांवों बढ़या, इंदरपुर, डुमरिया बाबू, पेंडारी कला और मईला में 90 मीटर की जगह 140 मीटर चौड़ाई में भूमि लेने का प्रस्ताव आया है।

अतिरिक्त भूमि पर इंटरचेंज, टोल प्लाजा, पार्किंग और फूड प्लाजा बन सकता है। हालांकि इसके उपयोग का अंतिम गजट अभी जारी नहीं हुआ है। फिलहाल राजस्व, एसएलएओ और एनएचएआई की संयुक्त टीम ज्वाइंट मेजरमेंट सर्वे में गाटों का सत्यापन कर रही है।

करीब 747 किमी लंबे और 35 हजार करोड़ की लागत वाले एक्सप्रेसवे का 22.5 किमी हिस्सा मेंहदावल से गुजरेगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से मेंहदावल क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। इसके अलावा गोरखपुर, बस्ती, महराजगंज, सिद्धार्थनगर आदि जनपद आपस में सीधे कनेक्ट हो सकेंगे।

मेंहदावल के कौवाठोर में बन सकता है इंटरचेंज

मेंहदावल के कौवाठोर में गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए सड़क पर चढ़ने उतरने के लिए (इंटरचेंज) बन सकता है। यहां भी अतिरिक्त भूमि ली जा रही है। मेंहदावल शहरी क्षेत्र से इस गांव की दूरी पांच किमी है। यहीं से मेंहदावल क्षेत्र के अलावा सिद्धार्थनगर, बस्ती जनपद के लोग भी सड़क पर चढ़ सकेंगे।

क्यों चाहिए अतिरिक्त भूमि

सामान्य एक्सप्रेसवे के लिए 90 मीटर चौड़ाई पर्याप्त है। पांच गांवों में 140 मीटर भूमि का प्रस्ताव इंटरचेंज के रैंप, लूप, टोल प्लाजा और वेसाइड एमेनिटीज के लिए है। इससे वाहनों के चढ़ने-उतरने, पार्किंग और जलपान गृह जैसी सुविधाएं विकसित की जाती है। अभी एनएचएआई का अंतिम निर्णय आना बाकी है।

किसानों और क्षेत्र के लोगों को फायदा

इंटरचेंज से पांच गांवों के साथ आसपास के 15 से 20 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। किसान अपने कृषि उत्पाद कम समय और लागत में गोरखपुर, बस्ती, दिल्ली, हरियाणा और नेपाल तक पहुंचा सकेंगे। पेट्रोल पंप और आधुनिक सुविधाओं से स्थानीय रोजगार भी बढ़ेगा।

ऐसे अंजाम तक पहुंचेगी अधिग्रहण की प्रक्रिया

प्राथमिक सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। ज्वाइंट मेजरमेंट सर्वे (जेएसएम) का कार्य प्रगति पर है। गाटा सत्यापन के बाद अंतिम अधिसूचना जारी होगी। इसके बाद थ्रीडी गजट प्रकाशित होगा और फिर थ्री जी के तहत मुआवजे का निर्धारण होगा। निर्माण कार्य 2026 में शुरू कर ढाई वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

कुछ गांवों में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इंटर चेंज भी बनना है। यह सब प्रक्रिया का हिस्सा है। अभी ज्यादा इसपर कुछ कहा नहीं जा सकता। -अंकित कुच्छल, पीडी, एनएचएआई।

पांच गांवों में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव मिला है, जिसे जल्द पूरा कर, रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। -अल्पिका वर्मा, तहसीलदार, मेंहदावल।

यह भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर अब और आसान, बैंकों को तुरंत लोन देने के आदेश