गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे मेंहदावल के तीन नए गांव, बढ़ेगी कनेक्टिविटी और सुविधाएं
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे में मेंहदावल तहसील के तीन और गांव (सोहरवलिया, मिश्रौलिया मिश्र, मईला) जोड़े जा रहे हैं, जिससे कुल गांवों ...और पढ़ें

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HighLights
मेंहदावल के तीन नए गांव एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे।
नए गांवों में इंटर सेक्शन, शौचालय, पार्किंग बनेगी।
भूमि अधिग्रहण व मुआवजा वितरण कार्य में तेजी आएगी।
अतुल मिश्र, मेंहदावल, (संतकबीर नगर)। बहुप्रतीक्षित गोरखपुर-पानीपत शामली एक्सप्रेसवे को लेकर मेंहदावल तहसील क्षेत्र में बदलाव हो रहा है। पहले एक्सप्रेसवे यहां के 29 गांवों से होकर गुजरनी थी, लेकिन अब तीन गांव और जोड़े जा रहे हैं। इसके साथ ही नए गांवों में यात्रियों की सुविधा के लिए इंटर सेक्शन कार्य कराए जाएंगे। जिसमें टायलेट और पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी।
इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। एक्सप्रेसवे में अब मेंहदावल के सोहरवलिया, मिश्रौलिया मिश्र और मईला गांवों को भी शामिल किया जाएगा। इन तीनों गांवों में हाईवे से चढ़ने-उतरने के लिए इंटर सेक्शन का निर्माण होगा।
इसके अलावा यात्रियों के लिए आधुनिक टायलेट और पार्किंग स्थल भी बनाए जाएंगे। इन गांवों के जुड़ने से न सिर्फ इनकी आबादी को लाभ मिलेगा, बल्कि आसपास के करीब 15-20 गांवों को भी एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में आसानी होगी। इंटर सेक्शन बनने से कृषि उत्पादों को मंडी तक पहुंचाने में समय और लागत दोनों बचेगी।
29 गांवों में गाटा सत्यापन का कार्य पूरा
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर तहसील प्रशासन ने मेंहदावल के 29 गांवों में गाटा सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसमें खेतों का चिह्नांकन, रकबे का मिलान और स्वामित्व का सत्यापन शामिल है। रिपोर्ट शासन और नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया(एनएचएआई) को भेज दी गई है।

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जल्द ही प्रशासन इन गांव के गाटों का स्थलीय व भौतिक सत्यापन भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है। स्थलीय सत्यापन के बाद भूमि अधिग्रहण व मुआवजा वितरण का कार्य रफ्तार पकड़ेगा।
इन गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
पहले चरण में एनएचएआई ने मेंहदावल तहसील के बढ़या, फेउसा, परसामाफी, परसाशुक्ल, महला, पसाई, देवकली, प्रतापपुर, जसवल, रमवापुर, खजुरा खुर्द, नचनी, समोगर, गुदरिहवा, खजुराकला, सिक्टौर माफी, कुंडवा, जमुवरिया खुर्द, जमुवरियाकला, रकसा, भरवलिया मिश्र, कुसौनाकला, जमोहरा, मुड़ली, डुमरिया बाबू, इंदरपुर, कौवाठोर, पिड़ारी कला और चितरुखिया शामिल किए थे। अब सोहरवलिया, मिश्रौलिया मिश्र व मईला गांव भी शामिल किए जा रहे है। इससे प्रभावित होने वाले गांवों की संख्या बढ़ जाएगी।
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परियोजना की प्रमुख जानकारी
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे लगभग 747 किमी लंबी, चार से छह लेन का ग्रीनफील्ड, एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है। एनएचएआई द्वारा बनने वाले इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपये है।
यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के पानीपत से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से होते हुए गोरखपुर तक जाएगा। गोरखपुर-बस्ती मंडल में एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 86.24 किमी प्रस्तावित है। जिसमें से 22.5 किलोमीटर हिस्सा अकेले मेंहदावल तहसील से गुजरेगा।
मेंहदावल से आगे यह सिद्धार्थनगर के बांसी क्षेत्र होते हुए बलरामपुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी तक जाएगा। निर्माण कार्य 2026 में शुरू होकर ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक्सप्रेसवे बनने से पूर्वांचल को पश्चिमी यूपी और हरियाणा से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
