संतकबीर नगर : गणेश चतुर्थी पर्व पर स्थापित श्रीगणेश प्रतिमाओं का बुधवार को जयघोष के बीच विसर्जन किया गया। पूजा पंडाल से नगर दर्शन कराने व नदी तक जाने वाली भव्य शोभायात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। पुष्प वर्षा के साथ दर्शन करके आरती उतारकर वंदन किया। समय माता मंदिर, बैंक चौराहा व गोला बाजार में भक्तों ने भंडारा करके हल्वा-पूड़ी, चना व लड्डू का प्रसाद बांटा।

गणपति बप्पा मोरया के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। शोभायात्रा में युवा वर्ग में उत्साह बना रहा। प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे। गणपति महोत्सव पर पांच दिन विधिवत पूजन अर्चन के पश्चात बुधवार को हवन-पूजन के बाद विसर्जन के लिए प्रतिमाएं पंडालों से निकाली गईं।

शहर के समय माता मंदिर के मुख्य द्वार पर आरती हुई। वाहन पर भव्य सज्जा करके प्रतिमा रखकर शोभायात्रा निकाली गई। गोला बाजार शिव मंदिर व पुरानी सब्जी मंडी की प्रतिमा फूल-माला से सुसज्जित वाहन पर रखकर विसर्जन को निकली। समय माता मंदिर से निकली शोभायात्रा में शहर के विभिन्न पूजा पंडालों की गणेश प्रतिमाएं शामिल हुईं। उसके बाद नगर भ्रमण कराया गया। जहां जगह-जगह लोगों ने भव्य स्वागत किया। गणपति वंदना के साथ शोभा यात्रा मगहर स्थित आमी नदी तट पहुंची। जहां परंपरागत ढंग से विसर्जन किया गया। बघौली क्षेत्र की प्रतिमाएं बालू शासन के पास विसर्जित हुईं। हर तरफ गूंजा जय गणेश देवा

महोत्सव में नौ सितंबर को पूजा पंडालों में प्रतिमा स्थापित करके दूसरे दिन श्रीगणेश चतुर्थी पर प्राण प्रतिष्ठा कर विघ्न विनाशक मंगलकारक आदि आराध्य देव गणपति की आराधना की गई। शहर समेत विभिन्न स्थानों पर पांच दिनों तक पूजा पंडालों में भजन-कीर्तन करके आराध्य का गुणगान हुआ। बुधवार को नवमी पर जय गणेश-जय गणेश जय गणेश देवा शब्द से प्रभु की स्तुति के पश्चात आरती व प्रसाद वितरण किया गया। आरती व भंडार में प्रसाद लेने में सभी का उत्साह बना रहा।

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