संतकबीर नगर : यूरिया की मारामारी के बीच नई समस्या खड़ी हो गई है। किसानों का आरोप है कि यूरिया लेते समय खुदरा विक्रेताओं द्वारा ¨जक या सल्फर लेने का प्रस्ताव रखा जाता है। खुदरा विक्रेताओं ने कहा कि उन्हें जबरिया थोप दिया गया है। वहीं कृषि विभाग का कहना है कि यूरिया के साथ जैविक उर्वरकों को खरीदने की कोई बाध्यता नहीं है, यदि ऐसा हो रहा है तो लिखित शिकायत करें।

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किसानों ने कहा

राम सजीवन, दीनानाथ, घरभरन, उमाकांत, शत्रुघ्न, रामजतन ने बताया कि यूरिया लेने के लिए सरकारी अथवा गैर सरकारी संस्था पर पहुंचने पर ¨जक, सल्फर अथवा कोई अन्य जैविक खाद देने का दुकानदार प्रस्ताव रखता है।

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खाद विक्रेताओं ने कहा

खाद कंपनियां जबरिया ¨जक, सल्फर, ऊर्जा अथवा अन्य जैविक खाद थोप देती हैं। किसानों से यूरिया की बोरी के साथ खरीदने का आग्रह किया जाता है। यदि यह न लिया जाए तो यूरिया मिलना लगभग असंभव है।

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मूल्य निर्धारण से होगा फायदा

खाद विक्रेताओं ने कहा कि खाद का दाम घटने-बढ़ने पर भी काफी समस्या होती है। सरकार सीजन से पहले ही मूल्य निर्धारित कर दे तो काफी अच्छा होता। रैक से ही महंगे दामों पर खाद मिलती है। दुकान पर पहुंचाने में तकरीबन 18 से 20 रुपये का खर्च आता है।

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शिकायत करें, दर्ज होगी एफआइआर

यूरिया के साथ जैविक उर्वरकों का प्रयोग फसल की बेहतरी के लिए होता है। इसके लिए कोई बाध्यता नहीं है। यदि खाद विक्रेता बाध्य करते हैं तो लिखित शिकायत करें, विभाग एफआइआर दर्ज कराएगा।

पीसी विश्वकर्मा

जिला कृषि अधिकारी

Posted By: Jagran

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